कस्बा माहिलपुर में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब दो दिन पहले दिनों कस्बे में हुई महिला की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोग सड़क पर उतर पड़े।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज लोगों ने शव को चंडीगढ़- होशियारपुर मार्ग पर रखकर ट्रैफिक जाम कर दिया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 27 फरवरी को माहिलपुर के वार्ड नं. एक के कारोबारी सातीश कुमार की पत्नी योगेश रानी देर शाम घर में अकेली थी। इसी बीच कुछ अज्ञात लोग दीवार फांदकर उसके घसर में घस गए थे।
आरोप है कि उन्होंने तेजधार हथियार से महिला को बुरी तरह घायल कर दिया था। उधर, शोर सुनकर जब तक मौके पर पड़ोसी पहुंचते हमलावर भागने में सफल रहे। घायल हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती महिला की मौत हो गई थी। मौत से पूर्व महिला ने अपने बयान में बहा था कि हमलावरों की संख्या दो थी। उधर, घटना के बाद से ही कस्बे में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
बताया जाता है कि मतृका का शव भारटा गनेशपुर के शवगृह में रखा हुआ था, क्योंकि मृतका के रिश्तेदारों को विदेश से आना था। इस बीच रविवार को घटना से गुस्साए लोगों ने मृतका का शव चंडीगढ़-होशियारपुर मार्ग पर स्थित मुख्य चौक पर रखकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सड़क जामकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दुकानदारों ने मृतका के पति सातीश कुमार तथा महेश कुमार लवली के नेतृत्व में पुलिस पर हत्यारों को गिरफ्तार करने के मामले में सुस्सी का आरोप लगाया। इस बीच डीएसपी गढ़शंकर गुरमेल सिंह और थाना प्रभारी सलखन सिंह ने लोगों को आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
साथ ही शव को वापस लेजाकर शव गृह में रख दिया। सड़क जाम करने वालों में राम पाल भाद्रबाज, पंकज कृपाल, बलविंदर बिट्टू, डा. दिलबाग राय, अमरजीत सिंह, अशोक कुमार, केवल कृष्ण विशाल चड्डा, रामेश कुमार शामिल थे।