10 लाख रुपये की रिश्वत... इतनी बड़ी रकम वो भी रिश्वत के तौर पर सुनकर अचंभा होता है। पंजाब के जालंधर में 10 लाख रुपये की घूस लेते एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने जालंधर में तैनात एक सीजीएसटी अधिकारी की ओर से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) गुरसेवक सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
जालंधर निवासी एक फर्म के मालिक की शिकायत के बाद यह गिरफ्तारी की गई। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर आरोप लगाया है कि उक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने उसकी फर्म के खिलाफ सीजीएसटी अधिनियम के तहत की जा रही जांच में लाभ पहुंचाने के लिए उक्त सीजीएसटी अधिकारी की ओर से उससे 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इस शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो के उड़नदस्ते ने प्लानिंग के तहत ट्रैप लगाया था। इस दौरान उक्त आरोपी सीए को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 10 लाख रुपये लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी सीए के खुलासे के बाद उक्त अधिकारी की भूमिका की जांच की जा रही है।
इस संबंध में आरोपी सीए के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 7 और 7ए तथा बीएनएस की धारा 61(2) के अंतर्गत विजिलेंस ब्यूरो के पुलिस स्टेशन मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले की आगे की जांच जारी है। यह पहली बार है कि पंजाब विजिलेंस ने एक सीए को गिरफ्तार किया है।