रसूलपुर में बीते दिनों हुए कार ब्लास्ट मामले में आरोपी प्रापर्टी डीलर जगमोहन सिंह को मंगलवार को जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया।
वहीं दूसरी बार भी पुलिस के हाथ खाली रहे। अदालत ने उसका रिमांड देने से मना कर दिया है। आरोपी जगमोहन पर लुधियाना के पास स्थित एक डेरा के धर्मगुरु को बम से उड़ाने की साजिश रचने का आरोप है।
इसी के चक्कर में उसकी कार में ब्लास्ट हो गया था, जिसमें उसके साथी की मौत हो गई थी। पुलिस अब तीसरी बार 31 दिसंबर को उसे फिर से अदालत में पेश कर रिमांड लेने की मांग करेंगी। इस केस में पुलिस आरोपी जगमोहन सिंह के दोस्त हरदीप निवासी करतारपुर को गिरफ्तार कर चुकी है।
हरदीप ने इस केस का सारा खुलासा किया था कि आरोपी जगमोहन और ब्लास्ट में मारे गए अजय शर्मा ने किसी धार्मिक गुरु को धमाका कर उड़ाना था, लेकिन बम को चेक करते हुए वह फट गया।
इस मामले में पुलिस के लिए यह जांच जरूरी है कि आखिरकार जगमोहन सिंह ने केमिकल बम कहां से लिया था। हालांकि पुलिस को यह जानकारी मिली है कि बम हरियाणा से लाया गया था, लेकिन इसे किसने तैयार किया और इसका सारा तानाबान कहां तैयार हुआ।
धर्मगुरु की हत्या की साजिश में कौन-कौन से लोग शामिल थे। इसका खुलासा जगमोहन को रिमांड पर लेने के बाद ही हो पाएगा। एसपी इंवेस्टीगेशन हरकंवलप्रीत सिंह खख का कहना है कि जगमोहन जेल का जेल में इलाज चल रहा है।
विस्फोट के दौरान उसके कान के पर्दों को नुकसान पहुंचा था। जेल के चिकित्सक ने उसको अस्पताल में रेफर किया हुआ है, वह अभी मेडिकल अनफिट है, यही वजह है कि अदालत ने अभी पुलिस रिमांड नहीं दिया है।