गुलाब देवी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल शनिवार को लापता हो गईं। प्रिंसिपल दलजीत प्रकाश सुबह 5 बजे से गायब हैं।
पुलिस
उन्हें तलाश करने में जुटी हुई है। प्रिंसिपल के परिजनों का कहना है कि वह
कॉलेज की छात्राओं के प्रोटेस्ट के कारण परेशान थीं, जिसके कारण वह कहीं
चली गईं हैं। हालांकि कॉलेज की कुछ छात्राओं का कहना है कि दलजीत कौर कालेज
प्रिंसिपल की कुर्सी को छोड़कर कहीं जा ही नहीं सकती हैं।
प्रिंसिपल
के मोबाइल की लोकेशन कॉलेज की ही आ रही थी। उनके दोनो मोबाइल व हैंडबैग
उनके रूम से ही मिले है। पुलिस ने कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
निकलवाई। फुटेज में वह अकेले ही मेन गेट की तरफ जाती दिख रही है। एसीपी
नार्थ अमनीत कौंडल का कहना है कि प्रिंसिपल के जाने के दौरान उनके साथ किसी
भी तरह का कोई सामान नजर नही आ रहा है। पुलिस ने उनके दोनों मोबाइल की
जांच की है।
उसमें किसी तरह का कोई ऐसा मैसेज नहीं मिला है जिससे
कोई सुराग मिल सके। पुलिस अब दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने में जुट
गई है। एसीपी कौंडल का कहना है कि रेलवे स्टेशन टीमें भेजी गई है। इसके
अलावा आसपास के पुलिस थानों में भी जानकारी दे दी गई है। पुलिस उन्हें
कालेज के आसपास के इलाके में स्थित खाली प्लाट व सुनसान स्थानों पर तलाश
रही है। पुलिस को डर है कि प्रोटेस्ट करने वाली छात्राओं से परेशान होकर
प्रिंसिपल ने कहीं खुदकुशी न कर ली हो।
हालांकि पुलिस इस मामले में
अभी कोई खुलकर बयान नहीं दे रही है। पुलिस ने भी तीन थानों की पुलिस टीमें
बना कर रवाना कर दी है। कॉलेज के सीईओ का कहना है कि दलजीत प्रकाश
फिल्हाल प्रिंसिपल की कुर्सी संभाल ही नहीं रही थीं। पुलिस इस मामले की
जांच कर रही है। जांच के बाद ही इस बारे में कुछ पता चल सकेगा। प्रिंसिपल
के बेटे अनिल प्रकाश ने मां के गुम हो जाने का ठीकरा कॉलेज की प्रोटेस्ट
करने वाली छात्राओं पर फोड़ा है। अनिल का कहना है कि उसकी मां प्रोटेस्ट
करने वाली छात्राओं से परेशान थी। उन्होंने छात्राओं पर ब्लैकमेलिंग के भी
आरोप लगाए हैं।
क्या है मामला
गुलाब देवी नर्सिंग
इंस्टीट्यूट की छात्राओं ने 20 नवंबर को प्रिंसिपल व टीचर पर उनको बेवजह
फेल करने के इल्जाम लगाया था। इसको लेकर छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन कर खूब
हंगामा खड़ा किया था। छात्राओं ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने
14 छात्राओं को रंजिश के चलते कमपार्टमेंट दे दी। इसके अलावा 10 छात्राओं
का रिजल्ट भी लेट कराकर उन्हें फेल कर दिया है।
प्रिंसिपल सभी
छात्राओं से गिफ्ट की मांग करती हैं। उनसे ट्रांसपोटेशन के नाम पर 11-11
हजार रुपये लिए जाते हैं। इस रुपये में प्रिंसिपल व अकाउंटेंट गोलमाल करते
हैं। इन आरोपों पर प्रिंसिपल ने कहा था कि गिफ्ट लेने के इल्जाम बेबुनियाद
हैं। कक्षा में उपस्थिति और एग्जाम में कम अंक आने के कारण ही छात्राओं
को फेल किया गया है। ट्रांसपोटेशन के जो रुपये से छात्राओं को बाहर के
इंस्टीट्यूट में भेजा जाता है।