ऑर्बिट बस कांड की शुक्रवार को एडिशनल जिला एवं सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने दो गवाहों के बयान दर्ज किए। अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की गई है।
ऑर्बिट कंपनी का मुलाजिम बलराज सिंह अदालत में पुलिस को दिए बयान की पुष्टि नहीं कर सका और न ही वह आरोपियों को पहचान सका। सरकारी पक्ष ने कहा कि यह गवाह अपने बयान से मुकर गया। इसके अलावा क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अधिकारी दफ्तर के मुलाजिम सुखविंदर सिंह ने भी पुलिस को बस के परमिट व अन्य दस्तावेजों के बारे अपना बयान दर्ज करवाया।
पीड़ित परिवार के अदालत में बयान हो चुके हैं। वह भी अदालत में पुलिस को दिए बयान की पुष्टि नहीं कर सके और न ही आरोपियों को पहचान सके हैं। कानूनी माहिरों की ओर से उनकी गवाही आरोपियों के पक्ष में मानी जा रही है। इस केस में अदालत ने नामजद बस कंडक्टर सुखविंदर सिंह उफ पंमा और ड्राइवर रणजीत सिंह न्यायिक हिरासत में हैं।
वहीं हेल्पर गुरदीप सिंह उर्फ जिम्मी और अमर रामा की अदालत की तरफ से जमानत अर्जी मंजूर की जा चुकी है। आरोपियों के खिलाफ थाना बाघापुराना में केस दर्ज किया गया था।