किशोरी के साथ जहां सामूहिक दुष्कर्म हुआ वहां पर कांग्रेसी पार्षद रोहन सहगल का कार्यालय है, जो उनके पिता के नाम है। आरोपी अरशद खान कांग्रेस नेता अमजद अली खान का भाई है, जिसके कांग्रेस के नेताओं से गहरे संबंध हैं। इसलिए यह मामला हाई प्रोफाइल हो चुका है। गिरफ्तार किए जा चुके मुख्य आरोपी आशीष के भी कांग्रेसी कनेक्शन है।
यह है मामला
6 मई को लुधियाना की रहने वाली 15 साल की किशोरी के साथ स्थानीय मॉडल टाउन स्थित क्लाउड स्पा सेंटर में नशा पिलाकर चार दरिंदों ने दुष्कर्म किया था। इसमें शिवसेना नेता सोहित शर्मा, अरशद अली खान, आशीष और इंद्र शामिल थे। किशोरी को लुधियाना से लाकर 20 हजार रुपये लेकर दरिंदों के हवाले करने वाली उसकी पड़ोसन को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इस पूरे नेटवर्क में ड्रग कनेक्शन भी निकला है, जिसे लेकर फिलहाल पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।
पंजाब के एडिशनल डायरेक्टर ऑफ पुलिस खुफिया के आदेशों को अगर स्थानीय पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया होता तो शायद स्पा सेंटर में 15 साल की किशोरी के साथ यह हादसा न होता। एडीजीपी खुफिया ने चंडीगढ़ से 6 फरवरी 2020 को जालंधर पुलिस कमिश्नर जालंधर को एक पत्र लिखा था जिसमें कहा था कि जॉन निवासी झारखंड पीपीआर मॉल में स्पा सेंटर चला रहा है, जिसमें उसके साथ आशीष और मन्नत भी हिस्सेदार हैं। ये लोग स्पा सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा कर रहे हैं, इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्थानीय पुलिस कमिश्नर ने तत्कालीन एडीसीपी सिटी-2 को यह आदेश भेजे, जिनको आगे एसीपी मॉडल टाउन को कार्रवाई के लिए कहा गया। एसीपी मॉडल टाउन ने 11 फरवरी 2020 को डिवीजन नंबर सात की पुलिस को इस पर कार्रवाई के आदेश दिए थे लेकिन डिवीजन नंबर सात की पुलिस ने आशीष एंड कंपनी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। न तो दबिश दी गई और न ही किसी को गिरफ्तार किया गया। नतीजन, आशीष के हौसले बुलंद होते चले गए और उसने जालंधर में स्पा सेंटरों का जाल बिछा दिया।
मॉडल टाउन में उसने कांग्रेसी पार्षद रोहन सहगल के पिता की इमारत में क्लाउड स्पा सेंटर खोला। इसी सेंटर में 6 मई को लुधियाना की 15 साल की किशोरी से आशीष व उसके साथियों ने नशा पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस की वर्दी पर दाग लगाने वाला एक इंस्पेक्टर
वहीं एडीजीपी के आदेशों पर जालंधर पुलिस के कार्रवाई करने के मामले में विभाग में चर्चा है कि एक इंस्पेक्टर के कारण ही पुलिस की वर्दी पर गंदे धंधे का दाग लगा है। इस इंस्पेक्टर ने आशीष और उसके साथियों पर कार्रवाई नहीं की बल्कि उनकी पीठ थपथपाई। सूत्रों के मुताबिक डीजीपी दिनकर गुप्ता तक पूरा मामला पहुंच चुका है और चंडीगढ़ से इस केस की पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है।