पैसा और जायदाद हड़पने के लिए एनआरआई का कत्ल करने वाली महिला की निशानदेही पर पुलिस ने शुक्रवार को उसका शव बरामद कर लिया है। आरोपी महिला ने लाश को गांव खांबड़ा के पास दबाकर दिया था। पुलिस टीम ने जमीन खुदवाकर शुक्रवार को शव निकलवाकर कब्जे में लिया है।
कुछ दिन पहले फगवाड़ा पुलिस ने एक महिला को 350 ग्राम हेरोइन समेत काबू किया था। आरोपी महिला की पहचान जालंधर के करोल बाग की रहने वाली मालती मिन्हास के रूप में हुई थी। उससे जब पूछताछ शुरू हुई तो सनसनीखेज खुलासे हुए। मालती की मुलाकात लुधियाना के रहने वाले एनआरआई रमिंदर सिंह चीमा हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी मालती ने अपनी सहेली परमजीत कौर को एनआरआई के पीछे लगाकर उसको फंसाने की योजना तैयार की।
पुलिस ने बताया कि एनआरआई मालती के जाल में फंस गया और उसके संबंध स्थापित हो गए। पूछताछ में मालती ने बताया कि उसने मौका देखकर एनआरआई को नशीली दवा पिला दी। फिर उसकी लाश खांबड़ा में दबा दी और उस जगह पर पेड़ गाड़ दिया। शुक्रवार को उसकी लाश को फगवाड़ा की पुलिस ने बरामद कर लिया।
2013 में मालती के खिलाफ जालसाजी की धाराओं के तहत नकोदर थाना में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में मालती भगोड़ी चल रही थी। पुलिस के अनुसार उसका पति राम किशन पांडे निवासी दिल्ली के साथ तलाक का केस भी चल रहा था। इंटरनेट पर सेकेंड शादी डॉट काम के जरिये उसका एक एनआरआई रमिंदर सिंह उर्फ चीमा निवासी 26 पिंक फ्लैट लुधियाना से संपर्क हो गया, जो तलाकशुदा था।
दोनों में बातचीत के बाद मिलना शुरू हो गया। इसकी सारी जानकारी मालती अपनी सहेली परमजीत कौर निवासी पंजाब एवेन्यू जालंधर को भी देती थी। परमजीत भी रमिंदर से मिली और उसका भी मेल-मिलाप शुरू हो गया और दोनों के संबंध बन गए। दोनों की योजना एनआरआई का माल समेटने की थी। पुलिस के अनुसार एनआरआई की हत्या करने के बाद मालती ने बैंक में जाकर 5 लाख निकलवा लिए।
गहने और अन्य कीमती सामान और 4 चेक परमजीत कौर ले गई। पुलिस ने बताया कि फिर मालती ने रमिंदर को जिंदा साबित करने के लिए उसके दोस्तों को उसके ही मोबाइल से मेसेज भेजे कि वह पहाड़ी क्षेत्र में घूमने गया है। 18 फरवरी को रमिंदर के दोस्तों और रिश्तेदारों को शक पड़ा तो उन्होंने लुधियाना में मामला भी दर्ज करवाया।