अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
पहले चंद शिकायतें ही पंजाब पुलिस के पास आती थी, लेकिन अब लंबी फेरहिस्त
बनने लगी है। हालात यह है कि यह ग्राफ प्रतिवर्ष आठ हजार तक आ पहुंचा है।
शिकायतों के साथ ही एनआरआई पुलिस स्टेशन की संख्या भी राज्य में बढ़ने लगी
है। पहले चार पुलिस स्टेशन थे, अब 15 हो गए हैं।
राज्य में एनआरआई के छह
थानों की नोटिफिकेशन 2008 में शिअद-भाजपा सरकार ने की थी। अकसर सरकार को
शिकायतें मिल रही थी कि लोकल पुलिस और राजनेताओं के प्रभाव से विदेशों में
रहने वाले पंजाबी मूल के लोगों को इंसाफ नहीं मिल रहा है। इसलिए एनआरआई
पुलिस स्टेशनों की स्थापना की गई। इसमें जालंधर, कपूरथला, नवांशहर,
होशियारपुर, मोगा और लुधियाना शामिल थे। एनआरआई पुलिस स्टेशनों की स्थापना
के बाद भी इसमें राजनेताओं व पुलिस अधिकारियों की दखलअंदाजी खत्म नहीं हुई।
क्योंकि इन थानों को लोकल एसएसपी के अधीन ही रखा गया था।
2011 में
आखिरकार इस सिस्टम में बदलाव हुआ और एनआरआई पुलिस की अलग विंग स्थापित कर
दी गई। इसका केंद्र मोहाली में बनाया गया। इस विंग का इंचार्ज आईजी
गुरप्रीत कौर दियो को दिया गया। 2012 में शिकायतों की संख्या 1200 तक पहुंच
गई। 2012 में एनआरआई की आने वाली शिकायतों में समस्या बराबर आ रही थी कि
केसों को फाइनल करने की अथॉरिटी लोकल एसएसपी के पास ही थी। अगस्त 2013 में
एक बदलाव कर एनआरआई विंग को पूरे अधिकार प्रदान कर दिए गए।
उनको पंजाब के
किसी भी जिले के किसी थाने से एनआरआई संबंधित केस उठाकर जांच करने और
रिपोर्ट फाइनल करने का अधिकार प्रदान कर दिया गया। एनआरआई पुलिस विंग की
आईजी गुरप्रीत कौर दियो ने सिस्टम को जमीन स्तर से शुरू कर इसकी ऑनलाइन
शिकायत व शिकायतकर्ता की ऑनलाइन चैटिंग की सुविधा लागू की तो शिकायतों की
संख्या 3515 तक जा पहुंची। बीते साल 2014 में एनआरआई की संख्या का ग्राफ
8000 पार कर गया। इनकी जांच के लिए एनआरआई थानों की संख्या भी अब 15 कर दी
गई है।
एनआरआई के अधिकतर मामले प्रापर्टी विवाद के
एनआरआई पुलिस
की आईजी गुरप्रीत दियो का कहना है कि तेजी से शिकायतों की संख्या बढ़ती जा
रही है। 2010 में जो संख्या 259 थी, वह पांच साल बाद आठ हजार पहुंच गई है।
दियो का कहना है कि एनआरआई का अधिक विवाद प्रॉपर्टी से संबंधित है। इसे
लेकर उनकी पुलिस प्राथमिकता पर हल करती है। इतनी अधिक शिकायतों की संख्या
बढ़ने पर उनका कहना है कि विदेशों में रहने वाले पंजाबी मूल के लोगों में
ऑनलाइन शिकायत की सुविधा के अलावा अब जागरूकता भी बढ़ी है। दूसरा, एनआरआई
पुलिस की ओर से मामले में पारदर्शिता लाकर नियमित समय में हल किया जा रहा
है। इसलिए शिकायतों का ग्राफ बढ़ रहा है।