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कई माह से जेल में घुसा ही नहीं तो संलिप्तता कैसी

Sat, 01 Aug 2015 10:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/कपूरथला
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मॉडर्न जेल के निलंबित सहायक अधीक्षक (एएसपी) कर्मजीत सिंह भुल्लर पर नशा सप्लाई, मानव तस्करी और भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी कपूरथला की रिपोर्ट पर डीआईजी जेल की जांच के बाद एडीजीपी जेल की संस्तुति पर थाना कोतवाली में भुल्लर पर केस दर्ज हुआ है। जबकि भुल्लर का दावा है कि वह कई माह से जेल के अंदर ही नहीं घुसे तो नशा सप्लाई और मानव तस्करी जैसे मामलों में उनकी संलिप्तता कैसे पाई गई।
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एएसपी भुल्लर ने कहा कि उन्हें सच बोलने और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो अगस्त 2014 को एसपी जेल कपूरथला ने उनकी ड्यूटी जेल की बाहरी सुरक्षा में लगा दी थी। 13 अगस्त 2014 को उन्हें नकोदर जेल का भी अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। एसपी जेल ने 28 जनवरी 2015 को लिखित तौर पर हिदायत दी कि वह तब तक जेल के अंदर नहीं आएंगे, जब तक उन्हें बुलाया न जाए। इससे जाहिर है कि वह पिछले कई माह से जेल के अंदर घुसे नहीं है। ऐसे में नशा सप्लाई करने, मानव तस्करी और रिश्वत लेने में उनकी संलिप्तता कैसी पाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सोची समझी साजिश के तहत उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।


शिकायतों पर हुई कार्रवाई : एसएसपी
एसएसपी कपूरथला आशीष चौधरी ने कहा कि पिछले लंबे अर्से से जेल में ड्रग्स सप्लाई, रिश्वत लेने और जबरन वसूली की गुप्त शिकायतें मिल रही थी। इसके आधार पर ही उन्होंने जांच करके रिपोर्ट जेल प्रशासन को सौंपी है। डीआईजी जेल लखमिंदर सिंह जाखड़ ने कहा कि उन्होंने पुलिस रिपोर्ट आने के बाद अपनी जांच शुरू की। जांच के दौरान उन्हें कर्मजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ संकेत मिले। उसके आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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एसएसपी कपूरथला ने 10 जुलाई 2015 को जेल में बंद कैदियों को नशा सप्लाई, मानव तस्करी और रिश्वत लेने में सहायक अधीक्षक कर्मजीत सिंह भुल्लर की संलिप्तता पाई और इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी।



भुल्लर के संगीन आरोपों के घेरे में आने के चलते डीआईजी लखमिंदर सिंह जाखड़ ने मॉडर्न जेल कपूरथला पहुंचकर कैदी रवि शंकर, कैदी सुखदेव, हर्ष गोसाईं, सुखविंदर सिंह उर्फ भुट्टो व अन्य कई कैदियों से पूछताछ की। इससे भुल्लर पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई। जाखड़ ने एडीजीपी जेल पंजाब को स्थिति से अवगत करवाया। जिनकी सहमति पर डीआईजी जेल जाखड़ ने भुल्लर पर एफआईआर दर्ज करने की शिकायत दी। इस पर एसएसपी ने डीए लीगल की सलाह लेने के बाद थाना कोतवाली को केस दर्ज करने के आदेश दिए। थाना कोतवाली की पुलिस ने 30 जुलाई 2015 को एएसपी कर्मजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ केस रजिस्टर किया गया।




अब डीआईजी जेल पर आरोप
कपूरथला। मॉडर्न जेल के प्रीजनर वेलफेयर फंड में से अपने निजी हितों के लिए डीआईजी जेल लखमिंदर सिंह जाखड़ ने दो लाख रुपये लिए, जो अभी तक नहीं लौटाए। यह रकम डीआईजी ने उस समय ली थी, जब निलंबित एएसपी कर्मजीत सिंह भुल्लर मॉडर्न जेल कपूरथला के वेलफेयर अधिकारी थे।


भुल्लर ने बताया कि जब उन्होंने अपने वेलफेयर अधिकारी का चार्ज छोड़ा था, उस समय वेलफेयर विभाग के खर्च संबंधी सौंपे गए दस्तावेज में यह दर्शाया था कि दो अक्तूबर 2014 को डीआईजी जेल लखमिंदर सिंह जाखड़ ने अपने निजी हितों के इस्तेमाल के लिए हासिल किए थे। कैदियों के पैसे अपने निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने की शिकायत एएसपी कर्मजीत सिंह भुल्लर ने आईजी जेल जगजीत सिंह को दी। इस मामले में आईजी जेल ने तीन अगस्त को एसपी जेल परमजीत सिंह, जेल के मौजूदा वेलफेयर अधिकारी और एएसपी भुल्लर को पेश होकर अपना-अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। डीआईजी जेल लखमिंदर सिंह जाखड़ से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले की आईजी जेल जांच कर रहे हैं। सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
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