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पंजाब में  ठगी: खुद को वीआईपी बता लेता था सिक्योरिटी, पकड़े जाने पर सामने आई ये सच्चाई 

Fri, 14 May 2021 04:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

आरोपी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और  राजस्थान में पुलिस को चकमा देकर सरकारी मेहमाननवाजी का लुत्फ उठा चुका है, लेकिन जालंधर पुलिस के सवालों में वह फंस गया और पकड़ा गया।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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जालंधर की देहात पुलिस ने एक ऐसे ठग को धरा है, जो खुद को वीआईपी बताकर हाई सिक्योरिटी लेता था और सरकारी खर्चे पर मौज मस्ती करता था। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और  राजस्थान में पुलिस को चकमा देकर सरकारी मेहमाननवाजी का लुत्फ उठा चुका है, लेकिन जालंधर पुलिस के सवालों में वह फंस गया और पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी आठवीं फेल है।

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पुलिस को ऐसे इनपुट भी मिले हैं कि आरोपी गजराज गुज्जर का गैंगस्टरों से संबंध हैं। वह पपला गुर्जर गैंग से भी जुड़ा बताया जा रहा है। उस पर गैंगस्टर पपला गुर्जर को भगाने में मदद करने का भी आरोप है। पुलिस को यह भी पता चला है कि यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे से भी गुज्जर संपर्क में था। पुलिस की टीम सख्ती से गुज्जर से पूछताछ कर रही है।

एसएसपी नवीन सिंगला ने बताया कि गजराज गुज्जर की तरफ से स्थानीय पुलिस विभाग को सूचना भेजी गई थी कि वह राष्ट्रीय युवा मंच हिंदू राष्ट्र परिषद का प्रधान है और पंजाब दौरे पर आ रहा है। उसको सुरक्षा की जरूरत है। 
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स्थानीय देहात पुलिस के सिक्योरिटी इंचार्ज हरदेवप्रीत सिंह ने गुज्जर से सिक्योरिटी और उसके पद के संबंध में पूछा तो उसकी बातें संदिग्ध लगी। उन्होंने तुरंत सीनियर अफसरों को इसके बारे में बताया। पूछताछ में गुज्जर ने माना कि वह साउथ दिल्ली डॉक्टर अंबेडकर नगर के खानपुर गांव का रहने वाला है। वह राष्ट्रीय युवा मंच हिंदू परिषद का प्रेजीडेंट है हालांकि गुज्जर कोई भी पहचान पत्र नहीं दिखा सका। उसके पास वाहन का दस्तावेज भी नहीं था।

एसएसपी सिंगला ने बताया कि गजराज गुज्जर अपनी झूठी पहचान के जरिये पुलिस और सरकार को ई-मेल व फैक्स के जरिए सिक्योरिटी मांगता था। जालंधर में भी उसने इसी तरह पुलिस की सिक्योरिटी हासिल कर ली। हालांकि जब इसकी चेकिंग हुई तो उसे काबू कर लिया गया। गुज्जर इस कदर शातिर था कि वह 2015 से इसी तरह धोखा करके सरकारी सिक्योरिटी लेता रहा है। अब तक वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में ऐसा कर चुका था। 10 महीने पहले भी वह राजस्थान के भरतपुर में पकड़ा गया था उस दौरान वह जमानत पर बाहर आ गया था। 

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