पंजाब के चर्चित आरटीआई एक्टिविस्ट और एडवोकेट सिमरनजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे प्रॉपर्टी और पुराने पैसों के लेन-देन का विवाद था। पुलिस ने इस मामले में सिमरनजीत के ममेरे भाई शरणदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह सिमरनजीत सिंह फगवाड़ा स्थित एलपीयू के लॉ गेट के पास एक प्रॉपर्टी देखने पहुंचे थे।
वहीं. पर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद दोबारा भड़क गया। कहासुनी के दौरान आरोपी ने फायरिंग कर दी। गोली सिमरनजीत सिंह के सिर में लगी और आर-पार निकल गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से सिमरनजीत सिंह का लाइसेंसी पिस्टल, दो मोबाइल फोन और अन्य अहम सबूत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि सिमरनजीत सिंह ने कोई जवाबी फायरिंग नहीं की थी। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल और कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं।
डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और तकनीकी जांच की मदद से मुख्य आरोपी को फगवाड़ा बाईपास से गिरफ्तार किया गया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पहले भी सुर्खियों में रहे थे सिमरनजीत सिंह
आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह कई हाई-प्रोफाइल मामलों को लेकर चर्चाओं में रहे थे। हाल ही में उन्होंने पंजाब के बेअदबी कानून को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले वर्ष 2025 में उन पर एक जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे।