जिला एवं सेशन जज जीएस बख्शी की अदालत ने एक वकील को संपत्ति विवाद में अपने सगे भतीजे पर रिवाल्वर से जानलेवा हमला करने एवं आर्म्स एक्ट के अंतर्गत 4 साल की कैद एवं 15 हजार जुर्माना लगाया है।
थाना सदर पुलिस ने 25 अप्रैल 2010 को राजिंदर सिंह गांव डरोली भाई के बयान पर उसके सगे चाचा वकील सुरिंदर सिंह डरोली भाई के खिलाफ जानलेवा एवं आर्म्स एक्ट की धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया था। पीड़ित राजिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके जमीन झगड़े में अदालत ने उसके पक्ष में स्टे आर्डर जारी किया था।
घटना वाले दिन मोगा में रहते उसके वकील चाचा सुरिंदर सिंह ने उनके गांव डरोली भाई पहुंचकर घर का सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर उसने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चला दी। इसके बाद वह गंभीर घायल हो गया। इस दौरान पड़ोस के लोग इकट्ठे हो गए और उन्होंने उससे रिवाल्वर छीनकर पुलिस के हवाले कर दी थी।
इस केस में वकील के एनआरआई लड़के को भी नामजद किया गया था। पुलिस ने जांच में उसे बेकसूर करार दे दिया था। जिला एवं सेशन जज जीएस बख्शी की अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने एवं तथ्यों को पढ़ने के बाद वकील सुरिंदर सिंह को जानलेवा हमला एवं आर्म्स एक्ट का आरोपी करार देते उसे 4 साल कैद एवं 15 हजार जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।