यूके के होटेलियर रणजीत सिंह राणा के कत्ल में गोवा कनेक्शन भी सामने आ रहा
है। बलदेव सिंह ने भारत आकर गोवा का सिमकार्ड इस्तेमाल किया था। प्राथमिक
जांच में इतना ही साफ हो पाया है कि गोवा का सिमकार्ड किसी अन्य व्यक्ति के
नाम पर जारी किया गया था और इसका इस्तेमाल बलदेव सिंह ने लगातार किया था।
पुलिस
और रणजीत के परिवार वालों को बलदेव सिंह पर पहले ही दिन से शक था, लेकिन
कोई ठोस गवाह या सबूत उनके हाथ नहीं लग रहा था। जांच टीम ने फोकस बढ़ाया तो
पाया कि बलदेव सिंह अकसर आने जाने के लिए लड्डू नामक ड्राइवर को ही अपने
साथ रखता था। पुलिस ने लड्डू को हिरासत में लिया और कई दिनों की पूछताछ के
बाद सामने आया कि कई बार बलदेव सिंह रिश्ते में अपने भांजे सुखदेव सिंह को
भी इनोवा गाड़ी के साथ आने जाने के लिए बुला लेता था।
सुखदेव सिंह के
गिरेबान तक पुलिस के हाथ पहुंचे। इसके बाद पता चला कि बलदेव सिंह जब इंडिया
में था तो उसने गोवा का एक सिमकार्ड लगातार पंजाब में इस्तेमाल किया था,
इसके अलावा उसने पंजाब की एक कंपनी का नंबर भी ले रखा था और एक सिमकार्ड
यूके का भी चलाया था।
रिकार्ड खंगाला गया तो पता चला कि दोनों कार्ड किसी
अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी करवाए गए हैं। यूके और अन्य नंबरों पर काफी
कॉल्स यूके से लगातार आई हुई थी। अब पुलिस उन कॉल्स पर भी फोकस कर रही है
कि कहीं इस थ्योरी में कोई तीसरा भी शामिल तो नहीं है। जांच अधिकारी इस
पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं और एक ही बात कहकर मामले से पल्ला झाड़
रहे हैं कि इस बारे में कुछ भी बताना जल्दबाजी ही होगी।