दो दिन में दो आप नेताओं की हत्या
एक दिन पहले तरनतारन के गांव चीमा खुर्द में आप के सरपंच गुरभेज सिंह की तेजधार हथियारों से हमला करके हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि आप पार्टी से संबंधित पूर्व सरपंच शरनजीत सिंह ने अपने साथियों से मिलकर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके पड़ताल शुरू कर दी है।
चीमा खुर्द का शरनजीत सिंह कांग्रेस के कार्यकाल दौरान गांव का सरपंच रह चुका है। बाद में उसने आप ज्वाइन कर ली। पंचायती चुनाव के दौरान शरनजीत सिंह ने पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने लिए आवेदन दिया, लेकिन गांव वालों की सहमति से गुरभेज सिंह के नाम चुना गया।
विपक्ष सरकार पर हमलावर
आप नेता लक्की ओबराॅय की हत्या के बाद विपक्ष ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता प्रताव सिंह बाजवा ने कहा कि भगवंत मान के राज में पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आप नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हुई चौंकाने वाली हत्या, कड़वी सच्चाई को सामने लाती है: अगर सत्ताधारी पार्टी के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है? आज पंजाब डर, गैंग हिंसा और प्रशासनिक पंगुता की चपेट में है, जबकि आप सरकार पीआर और बहाने बनाने में व्यस्त है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना होगा कि इस पूरी तरह से बिगड़ी स्थिति के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि दिनदहाड़े मर्डर…पंजाब में यह एक नया नॉर्म बन गया है। अपनी मर्जी से कहीं भी किसी को भी मार दो….। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने पंजाब को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से खत्म हो गया है।