स्थानीय अतिरिक्त जिला व सेशन जज राजविंदर कौर की अदालत ने शुक्रवार को चार साल पहले एक आपराधिक मामले में धारा बढ़ाने के नाम पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में एक एएसआई को दोषी करार दिया है।
जिला अदालत के आदेश के बाद दोषी एएसआई बलदेव सिंह पतली को जेल भेज दिया गया है और उसे 28 नवंबर सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। उसे 4 अक्तूबर 2010 को विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया था और उसके खिलाफ विजिलेंस थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
यह मामला थाना सदर के गांव झोटीवाला से संबंधित था। उन दिनों गांव के सहकारी सभा के चुनाव को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। एक पक्ष के शिकायतकर्ता जलौर सिंह राजा का आरोप था कि इस झगड़े में दूसरे पक्ष के लोगों ने उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत किया लेकिन मामले के जांच अधिकारी एएसआई बलदेव सिंह पतली ने दूसरे पक्ष के आरोपियों पर आईपीसी की धारा 295 नहीं लगाई और इस धारा को केस में शामिल करने के लिए जलौर सिंह से 20 हजार रिश्वत मांगने लगा।
रिश्वत मांगने से परेशान हुए जलौर सिंह ने एएसआई बलदेव सिंह के साथ 15 हजार में सौदा तय किया और विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत कर दी। शिकायत के बाद विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी भूपिंदर सिंह ने शिकायतकर्ता जलौर सिंह के घर रिश्वत वसूलते हुए एएसआई बलदेव सिंह को रंगे हाथों काबू कर लिया था।
शिकायतकर्ता जलौर सिंह के वकीलों कर्मजीत सिंह धालीवाल व चरनजीत सिडाना की दलीलों पर सहमति जताते हुए जिला अदालत ने उसे दोषी करार दे दिया। केस में गिरफ्तारी के कुछ समय ही उसे जमानत मिल गई थी और शुक्रवार को दोषी करार देने के बाद उसे दोबारा हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।