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'फिल्लौर SHO को सलाखों में डालो': बाल आयोग के चेयरमैन पहुंचे जालंधर, पीड़ित बच्ची से मिले, कार्रवाई के आदेश

Fri, 31 Oct 2025 04:29 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

जालंधर के फिल्लौर के एसएचओ भूषण कुमार को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश हैं। यह आदेश बाल आयोग चंडीगढ़ के चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने जालंधर पुलिस को दिए हैं। 
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बाल आयोग के चेयरमैन कंवरदीप सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालंधर के फिल्लौर के एसएचओ भूषण कुमार के मामले को लेकर शुक्रवार को बाल आयोग चंडीगढ़ के चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने जालंधर पहुंचे। उन्होंने एसएसपी कार्यालय में पीड़ित बच्ची से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने आला अधिकारियों को आदेश दिए कि तत्काल एसएचओ भूषण कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला जाए। 

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चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने कि आला अधिकारियों से कहा गया है कि 14 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में केस दर्ज करने में 50 दिन का वक्त क्यों लगा? इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं? जांच कर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने एसएसपी हरविंदर विर्क से मुलाकात की। एसएचओ भूषण कुमार के खिलाफ सभी तरह की जांच पूरी हो चुकी हैं। अब उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई वक्त नहीं दिया जाएगा।
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चेयरमैन ने कहा कि जालंधर पुलिस पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में फेल साबित हुई है, जिसको लेकर एसएएचओ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आयोग बच्चों के होने वाले शोषण को लेकर लगातार जागरूक करते हैं। पुलिस पॉक्सो के मामलों को संजीदगी से नहीं लेती, इनका फोकस क्राइम पर ही रहता है। इस मामले में सबकी जिम्मेदारी फिक्स होगी।

चाइल्ड कमीशन के चेयरमैन ने कहा कि एसएचओ भूषण कुमार के पास परिवार न्याय के लिए गया था, लेकिन परिवार को धमकाया गया। इस केस को दबाने की पूरी कोशिश की गई। चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने जालंधर देहात में पॉक्सो के तीन केस रजिस्टर्ड करवाए हैं। केस तो बहुत रिजस्टर्ड होते हैं, लेकिन इन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। पॉक्सो में इसलिए कोई रिजल्ट नहीं आ पाता क्योंकि पुलिस इन मामलों को गंभीरता से नहीं लेती। गरीब तबके के लोगों को पुलिस इन केसों में थाने से भगा देते हैं। गरीब आदमी आवाज नहीं उठा पाता और डर जाता है, इसलिए यह मामले सामने में आने से पहले ही कई बार दब जाता है।

वहीं बाल आयोग ने एसआईटी की चेयरपर्सन एसपी मंजीत कौर, डीएसपी रूपिंदर सिंह व फिल्लौर के एसएचओ अमन सैनी से केस का ब्यौरा मांगा और पुलिस की चल रही जांच के बारे में जानकारी हासिल की।

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