धोखे से तीन बसें कबाड़ में बेची, छह नामजद
राजस्थान में कबाड़ का काम करने वाले को बेची बसें, जांच में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। सेवक ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाए हैं कि उसकी कंपनी के एक हिस्सेदार समेत कैशियर, ड्राइवरों और कंडक्टरों ने मिलीभगत कर उसकी तीन बसें कबाड़ में बेच दीं हैं। पुलिस ने जांच दौरान आरोप सही पाने पर कंपनी के हिस्सेदार समेत छह लोगों के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधड़ी व गबन के आरोप में केस दर्ज किया है। जांच कर रहे थाना सिटी के एएसआई लखविंदर सिंह के अनुसार शिकायतकर्ता मंजीत सिंह वासी अमृतसर रोड ने 22 जनवरी 2019 को एसएसपी मोगा को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाए थे कि उसकी सेवक ट्रांसपोर्ट के नाम से कंपनी है और उनकी कंपनी की बसें चलती है। शिकायतकर्ता के अनुसार पिछले कई साल से अवतार सिंह वासी माछीके उसकी कंपनी में हिस्सेदार है। कुछ साल पहले बसों पर चल रहे लोन की किश्तें न चुका पाने के कारण लोन कंपनी ने बसें जब्त कर ली थीं, लेकिन आरोपी अवतार सिंह ने कंपनी की तीन बसें जब्त होने के डर से छुपा लीं। बाद में लोन कंपनी के साथ समझौता होने के बाद सभी बसें दोबारा से चलने लगीं। लेकिन आरोपी द्वारा छुपाई गई बसों को दोबारा से परमिट नही मिल सका। जिसके चलते आरोपी ने उसकी कंपनी के कैशियर जोगिंदरपाल झांजी, उसके भाई रविंदरपाल झांजी वासी जगरांव, ड्राइवर बिंदर सिंह वासी डपाली (बठिंडा), जगतार सिंह वासी सूजापुर (लुधियाना) और कंडक्टर हरबंस सिंह वासी राएकोट के साथ मिलीभगत कर तीनों बसें राजस्थान में किसी कबाड़ का काम करने वाले को बेच दी। इस बारे में जब शिकायतकर्ता को भनक लगी तो उसने पुलिस के पास शिकायत कर दी। एसएसपी की ओर से मामले की जांच फिरोजपुर के हलका गुरुहरसहाए के डीएसपी से कराई तो आरोप सही पाने पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी के अनुसार फिलहाल किसी भी आरोपी कि गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।