रेलवे कामर्शियल विभाग में विजिलेंस का छापा
विजिलेंस टीम ने स्कूटर, साइकिल व कार स्टैंड का रिकार्ड लिया अपने कब्जे
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
रेलवे विजिलेंस टीम ने बुधवार सुबह रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर के कामर्शियल विभाग में छापामारी कर डिवीजन के कई स्टेशनों के स्कूटर, साइकिल व कार स्टैंड के रिकार्ड की चेकिंग की और रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। जानकारों के मुताबिक स्टैंडों का ठेका खत्म होने के बाद भी चलता रहा, जिससे रेलवे को आर्थिक नुकसान पहुंचा है और कुछेक अधिकारियों व क्लर्कों ने कथित तौर पर इसका फायदा उठाया है। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने इस मामले की जांच शुरू की है। दिल्ली से विजिलेंस टीम के तीन अधिकारी फिरोजपुर सुबह पंजाब मेल से पहुंचे हैं। विजिलेंस टीम के अधिकारी देर शाम तक कामर्शियल विभाग में लुधियाना, फिरोजपुर, अमृतसर व कपूरथला साइकिल, स्कूटर व कार स्टैंड का रिकार्ड खंगालते रहे।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पिछले लगभग डेढ़ साल से कामर्शियल विभाग के कुछेक अधिकारी व क्लर्क उक्त स्टेशनों के स्टैंडों का ठेका खत्म होने के बाद भी चला रहे थे। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है,जबकि कथित तौर पर कई अधिकारियों व क्लर्कों को फायदा हुआ है। इस मामले की शिकायत किसी ने विजिलेंस को दी थी। विजिलेंस ने बुधवार सुबह देखा कि फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन परिसर को भी अधिकारियों ने कार व स्कूटर स्टैंड बना दिया और वहां पर खड़ी होने वाली कार व स्कूटर की बकायदा परची काटी जा रही है और मोटी रकम वसूल की जा रही है। इसी तरह पिछले कई महीनों से फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन का साइकिल व स्कूटर स्टैंड भी बिना ठेके के चलता रहा और लोगों से दो-दो घंटे के स्कूटर के बीस रुपये वसूले जा रहे थे। इसी तरह लुधियाना, अमृतसर, कपूरथला के स्कूटर, साइकिल व कार स्टैंड का समय खत्म हो चुका था उसके बाद भी बिना ठेके के चला रहे थे। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसी मामले की विजिलेंस जांच-पड़ताल कर रही है। जानकारों का कहना है कि वीरवार को भी विजिलेंस टीम कामर्शियल के अन्य दस्तावेजों की जांच-पड़ताल करेगी।
विज्ञापन घोटाला भी हुआ था इसी तरह
कामर्शियल विभाग में विज्ञापन घोटाला भी इसी तरह हुआ था। एडवरटाइजमेंट एजेंसियों का अमृतसर, फिरोजपुर, जालंधर व लुधियाना का ठेका खत्म हो चुका था लेकिन कुछेक अधिकारी व क्लर्क की मिलीभगत से उसे बिना ठेके के चला रहे थे। इस तरह विज्ञापन में छह करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ था। जिसकी रेलवे विजिलेंस की जांच-पड़ताल के बाद सीबीआई ने तहकीकात की थी। सीबीआई ने अपनी पूरी जांच करने के बाद चालान कोर्ट में पेश किया है।