सुसाइड नोट के आधार पर प्रबंधक कमेटी से संबंधित पांच लोग नामजद
अमर उजाला ब्यूरो
कोटकपूरा (फरीदकोट)। हीरा सिंह नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी की ओर से परिवार समेत बाहर निकाले जाने के विरोध में नौजवान ग्रंथी ने जहर निगलकर जान दे दी। पुलिस ने मृतक ग्रंथी राजिंदर सिंह मैंगी की पत्नी सुखप्रीत कौर के बयान पर गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी के पांच पदाधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या को मजबूर करने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर शव को फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद वारिसों के हवाले कर दिया है। मोहल्ला निवासियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के शव को साथ लेकर थाना सिटी के समक्ष धरना दिया। इसपर पुलिस ने जल्द कार्रवाई का भरोसा देकर गुस्सा शांत करवाया।
सुखप्रीत कौर ने पुलिस को बताया कि उनके ससुर हेमराज मैंगी और मास्टर हरगोबिंद राय ने गुरुद्वारा साहिब के लिए कुछ जमीन दान दी थी। उसके बाद उनकी सास ने 250 गज जमीन लेकर इस जमीन का वारिस श्री गुरु ग्रंथ साहिब को बनाया था। हालात खराब होने की वजह से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सही ढंग से सेवा नहीं हो पा रही थी। ऐसे में उनका परिवार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को बड़े गुरुद्वारा साहिब में छोड़ आए थे। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने अपने आप एक कमेटी बना ली। इसके सदस्य राजिंदर सिंह, त्रिलोक सिंह, शिअद पार्षद तेज सिंह मान देसा सिंह मोंगा व प्रीतम सिंह ने दोबारा गुरुद्वारा साहिब की सेवा शुरू कर दी और श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करवा दिया। इसके बाद उसके पति राजिंदर सिंह मैंगी गुरुद्वारा साहिब से परिवार समेत निकाल दिया। चार महीनों से उनका पति मानसिक तौर पर परेशान रहता था। रविवार को वह अचानक उल्टियां करने लगे। सुखप्रीत कौर ने फोन करके अपने देवर हरमिंदर सिंह मैंगी को मौके पर बुलाया। उसने बताया कि उनके पति ने जहर निगल लिया है। सुसाइड नोट जेब में है। वह उन्हें लेकर राजन अस्पताल पहुंचे लेकिन उनकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में राजिंदर सिंह, देसा सिंह मोंगा, तेज सिंह मान एमसी, त्रिलोक सिंह व प्रीतम सिंह के नाम लिखे हैं। थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान व सुसाइड नोट के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।