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बहिबल गोलीकांड व कोटकपूरा फायरिंग की एसआईटी जांच शुरू

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बहिबल गोलीकांड व कोटकपूरा फायरिंग की एसआईटी जांच शुरू
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पंजाब सरकार ने गठित की है विशेष जांच टीम
जिला पुलिस ने सौंपा दोनों घटनाओं का रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। पंजाब सरकार ने बेअबदी मामले की जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद बहिबल कलां गोलीकांड व कोटकपूरा फायरिंग मामले की जांच के लिए हाल ही में डायरेक्टर ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन प्रबोध कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी। इस एसआईटी ने अधिकारिक रूप से जांच का काम शुरू कर दिया है और जिला पुलिस ने इन दोनों घटनाओं से संबंधित रिकार्ड अपने पास मंगवा लिया है।
पुलिस के अनुसार बहिबल गोलीकांड व कोटकपूरा गोलीकांड से सम्बंधित सभी चार एफआईआर समेत उससे सम्बंधित तमाम दस्तावेज व सुबुत एसआईटी के सुपर्द कर दिए गए है। इनमें से दो एफआईआर थाना बाजाखाना और दो एफआईआर थाना सिटी कोटकपूरा से सम्बंधित है। 14 अक्टूबर 2015 से संबंधित बहिबल गोलीकांड में तो पुलिस की गोली लगने से दो सिख नौजवानों किशन भगवान सिंह व गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग व लाठीचार्ज में कई लोग गंभीर घायल हुए थे। एसआईटी को सौंपी थाना बाजाखाना की एफआईआर नंबर 129,2015 में पुलिस ने थाना प्रभारी के बयान पर करीब 600 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर इरादा ए कत्ल समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत नामजद किया था। इसी थाने की एफआरआई नंबर 130,2015 में उस समय की एसआईटी के प्रमुख और डायरेक्टर ब्यूरो आफ इन्वेस्टीगेशन इकबालप्रीत सिंह सहोता के ब्यान पर अज्ञात पुलिस पार्टी को हत्या के आरोप में नामजद किया था।
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हाल ही में पुलिस ने एफआईआर नंबर 130 में चार पुलिस अधिकारियों को नामजद भी किया था। कोटकपूरा की एफआईआर नंबर 192,2015 को पुलिस ने अपने थाना प्रभारी के ब्यान पर कोटकपूरा में धरने की अगुवाई कर रहे सिख प्रचारकों पंथप्रीत सिंह खालसा,अमरीक सिंह अजनाला,रणजीत सिंह ढढरियां वाले व सरबजीत सिंह समेत अन्य प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की थी। दूसरी एफआईआर नंबर 129,2018 पिछले माह जस्टिस रणजीत सिंह रिपोर्ट पेश होने के बाद घटना में घायल हुए एक नौजवान के ब्यान पर अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर दर्ज की थी। इन चार एफआईआर में से प्रदर्शनकारियों पर दर्ज दो को उस समय की अकाली भाजपा सरकार ने वापस लेने का ऐलान कर दिया था। पुलिस रिकार्ड में यह दोनों मामले अभी भी जांच के अधीन थे। एसएसपी राजबचन सिंह ने कहा कि जिला पुलिस ने पंजाब सरकार व डीजीपी की हिदायतों पर सारा रिकार्ड एसआईटी को सौंप दिया है।
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