डीजीपी इंटेलिजेंस ब्लास्ट मामले की जांच के लिए पहुंचे जालंधर
आला अफसरों के साथ मीटिंग, काउंटर इंटेलिजेंस के अफसरों से लिया इनपुट, कमिश्नर ने बनाई छह टीम
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। मकसूदां बम ब्लास्ट पुलिस के लिए चुनौती बन चुका है और सुलझने के स्थान पर मामला उलझता जा रहा है। सोमवार को डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता मामले की जांच के लिए जालंधर पहुंचे और आला पुलिस अधिकारियों के साथ पीएपी में लंबी मीटिंग कर इनपुट लिए। वहीं स्थानीय पुलिस कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा ने भी आला अफसरों के साथ मीटिंग कर छह टीमों का गठन किया है, जिनको अलग अलग टास्क दिए हैं। इन टीमों ने अपना वर्क शुरू कर दिया है।
मकसूदां ब्लास्ट को लेकर पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा काफी गंभीर हैं और वह रोजाना केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सोमवार को डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता जालंधर पहुंचे और एआईजी काउंटर इंटेलिजेेंस हरकंवलप्रीत सिंह खख से उन्होंने क्राइम सीन की जानकारी हासिल की। डीजीपी गुप्ता ने अभी तक केस में काउंटर इंटेलिजेंस द्वारा किए वर्क का पूरा ब्योरा लेकर टिप्स दिये। उन्होंने जेल से छूटे नामवर अपराधियों के अलावा आतंकियों का ब्योरा भी लिया। इस मीटिंग में दोआबा के तमाम खुफिया टीम के अधिकारी मौजूद रहे।
सिविलयन था फगवाड़ा का नेता, जांच शुरू
जालंधर के मकसूदां बम बलास्ट में थाने के भीतर गाड़ी लेकर मौजूद युवक फगवाड़ा का राष्ट्रीय पार्टी का नेता था। जो थाने के भीतर अकसर दिखाई देता था। उसको लेकर पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। उक्त नेता अकसर थाने में क्या करने आता था ? उसका मकसद क्या था ? उसकी किन पुलिस मुलाजिमों के साथ दोस्ती थी और इस दोस्ती में उसको क्या फायदा मिलता था ?
सुरिंदर पाल