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वेल्डिंग वायर स्पूल की जगह निकले पत्थर

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रेलवे ने खरीदे थे वेल्डिंग वायर स्पूल, निकले पत्थर
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मुंबई की कंपनी ने सप्लाई किया माल, आरसीएफ प्रशासन में हड़कंप,
शैल डिवीजन के दो डिब्बों और भंडार स्टोर पर रखे तीन कार्टून में निकलीं ईंटें
पीआरओ ने कहा- मामले की उच्च स्तरीय टीम जांच कर रही है
कपूरथला।
आरसीएफ में एलएलबी कोचों के निर्माण में वैल्डिंग करने के लिए उपयोग होने वाली स्टेनलेस स्टील की वेल्डिंग वायर साइज 1.2 एमएम के कार्टून बाक्स की पैकिंग में वेल्डिंग वायर स्पूल की जगह पत्थर व ईंटें निकलने का मामला सामने आया है। यह घटना आरसीएफ के शैल डिवीजन के शैल अंसेबली स्टोर में बुधवार दोपहर की है। हैरानी की बात तो यह है कि यह मामला उस समय सामने आया है, जब आरसीएफ के नए महाप्रबंधक एसपी त्रिवेदी ने कार्यभार संभाला है। इस घटना के बाद आरसीएफ में माल सप्लाई के समय जांच प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाया है। अब तक 5 कार्टून बाक्स में पत्थर और ईंटें मिली हैं। अभी जांच जारी है।
इसका पता बुधवार को तब लगा, जब शैल डिवीजन में कार्यरत वेल्डर जसविंदर सिंह व बी. मारन शैल असेंबली में कार्य के लिए वेल्डिंग वायर लेने गए तो उन्होंने मैसर्स हिंदुस्तान इनॉक्स लिमिटेड मुंबई नामक कंपनी के वायर स्पूल के कार्टून बाक्स खोले तो इसमें वायर स्पूल नं. 212 तथा 219 में स्टेनलेस स्टील वायर स्पूल की जगह कार्टून बाक्स में पत्थर पाए गए। इस मामले की जानकारी शैल असेंबली स्टोर के इंचार्ज इंजीनियर बृज मोहन ने तुरंत शैल अंसेबली तथा भंडार विभाग के अधिकारियों एवं डिप्टी सीडब्ल्यूई शैल किशन सिंह को लिखित तौर पर दी। इस घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और निकले पत्थर देखने के बाद यह निर्णय लिया गया कि भंडार विभाग के शैल डिपो में कंपनी के इस आइटम का पूरा लॉट चैक किया जाए। भंडार विभाग के शैल डिपो में रखे हुए उपरोक्त सामान की सील बंद पैकिंग को भंडारविभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा शॉप के अधिकारियों की मौजूदगी में जैसे ही खोला गया तो कार्टून बाक्स नं. 2, 6 और 75 में भी वायर स्पूल की जगह पत्थर तथा ईंटें निकलीं। इस एक कार्टून की कीमत लगभग तीन हजार रुपये है। मैसर्स हिंदुस्तान इनौक्स लिमिटेड मुंबई के आरसीएफ जैसी विश्वस्तरीय संगठन के साथ इस तरह के किए गए अनैतिक, बदनीयत व धोखाधड़ी कार्य से सामान सप्लाई करने वाली कंपनी की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लग गया है। यह घटना आरसीएफ में आग की तरह फैल गई और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरसीएफ कर्मचारियों की प्रशासन से मांग है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाए और ऐसी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाए, ताकि भविष्य में दूसरी कंपनियां आरसीएफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से ऐसा धोखा करने का दुस्साहस न करें। रेल कोच फैक्टरी के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी मनजीत सिंह ने पत्थर निकलने की पुष्टि करते हुए कहा कि पांच कार्टून में पत्थर व ईंटें निकली हैं। इस मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम लगा दी है।
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अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सचिव ने लिखा जीएम को पत्र
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सचिव बृजमोहन ने महाप्रबंधक आरसीएफ को लिखे पत्र में जिक्र किया है किमामले में मैसर्स हिंदुस्तान इनौक्स लिमिटेड मुंबई एक ट्रेडर है और आरसीएफ एक ग्राहक है। कंपनी की आरे से किया गया यह कार्य सेवा में कमी और व्यापार में उनके अनुचित व्यवहार को दर्शाता है, जो उपभोक्ता संरक्षण नियम -1986 का उल्लंघन है। बृज मोहन ने आरसीएफ प्रशासन को उक्त कंपनी पर उपभोक्ता संरक्षण नियम-1986 के सेक्शन 21 के तहत नेशनल उपभोक्ता कमीशन, नई दिल्ली में केस दायर करने के लिए बल देते हुए कहा कि वह ( बृज मोहन ) इस केस को आरसीएफ की ओर से लड़ने के लिए अपनी निशुल्क सेवाएं प्रदान करेंगें।
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