जेल सुपरिंटेंडेंट ने कराया वीडियो वायरल करने वाले बंदी पर हमला
- कोर्ट के आदेश पर अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल बंदी ने लगाया आरोप
- सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी माडर्न जेल कपूरथला के अंदर की वीडियो
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
माडर्न जेल के अंदर से वीडियो वायरल करने वाले कैदी को अदालत के आदेश के बाद सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। यहां पर उपचार के दौरान उसने आरोप लगाया कि जेल में उस पर पिछले सोमवार को हुआ जानलेवा हमला खुद जेल सुपरिंटेंडेंट डीके सिद्धू ने ही कराया। इसके लिए उन्होंने जेल में मौजूद चार अन्य बंदियों को मोहरा बनाया। जेल सुपरिंटेंडेंट के इशारे पर ही चार बंदियों ने उसकी हत्या करने की कोशिश की। हालांकि इस मामले में डीएसपी जेल ने कैदी की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
शनिवार को कपूरथला के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लाए गए हवालाती राकेश कुमार ने फिर दोहराया कि जेल में सुपरिंटेंडेंट डीके सिद्धू ने रंजिशन उस पर जानलेवा हमला कराया। यह हमला उसने जेल में बंद जीवन, गोपा, शेखर और बौलद से उसकी बैरक नं. आठ के अंदर जबरन घुसकर करवाया। यहीं नहीं, उन लोगों ने मारपीट के दौरान उससे जेल के कूपन तक छीन लिए। उसने आरोप जड़ा है कि डीके सिद्धू ने खुद खड़े होकर अपने कर्मचारियों से वीडियो बनवाया। जब वीडियो बनाया जा रहा था, उस समय जेल सुपरिंटेंडेंट भी पास ही खड़े थे। उसे घायल होने पर तड़पने के लिए छोड़ दिया गया और इलाज के लिए अस्पताल भी नहीं जाने दिया। उधर, सिविल अस्पताल के ड्यूटी डॉ. सतपाल के अनुसार राकेश कुमार की हालत खतरे से बाहर है।
डीएसपी ने कैदियों के बीच लेन-देन को लेकर विवाद को बताया घटना की वजह :
डीएसपी जेल ललित कोहली ने कहा है कि अदालत के आदेश पर राकेश कुमार को सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उसकी ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। इसका अपने साथी कैदियों के साथ रुपये के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि राकेश कुमार करीब डेढ़ साल से जेल में बंद है और कपूरथला के दीपा हत्याकांड का मुख्य आरोपी है।