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टीए घोटाले के शिकायतकर्ता को मेडिकल में किया अनफिट

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टीए घोटाले के शिकायतकर्ता मेडिकल में अनफिट
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ए-वन कैटेगरी से बी-वन कैटेगरी में किया तब्दील
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
फिरोजपुर मंडल रेलवे की इलेक्ट्रिकल ब्रांच में टीए घोटाले की विजिलेंस को शिकायत करने वाले रमिंदर सिंह को रेल अधिकारियों ने मेडिकल बोर्ड बैठाकर अनफिट करार दिया है। मेडिकल में अनफिट होने के बाद उन्हें ए-वन कैटेगरी से से बी-वन कैटेगरी में तब्दील कर दिया गया है। मामूल हो कि टीए घोटाले में एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर समेत 18 रेलकर्मी फंसे थे। मामले की जांच विजिलेंस कर रही है।
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चार महीने पहले रेलकर्मी रमिंदर सिंह ने टीए घोटाले की शिकायत दिल्ली स्थित रेलवे विजिलेंस को लिखित रूप में की थी। इसकी जांच के लिए मंडल दफ्तर पहुंची। विजिलेंस टीम ने एक इंजीनियर समेत 18 रेल कर्मियों को टीए घोटाले में शामिल पाया था। इसकी जांच के लिए संबंधित सभी रिकॉर्ड टीम के सदस्य अपने साथ दिल्ली ले गए थे। जिन लोगों के रिकॉर्ड टीम के सदस्य ले गए थे उनसे पूछताछ चल रही है। इस मामले में एक इंजीनियर को रेलवे पावर हाउस से बदलकर ट्रेन लाइटिंग में भेज दिया गया है। टीए घोटाले की शिकायत के बाद घोटाले में फंसे अधिकारियों व कर्मचारियों ने शिकायतकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के साथ धमकियां दी थी। इससे रमिंदर मानसिक रूप से बीमार हो गया था। उसे रेलवे मंडल अस्पताल व फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में चेकअप के लिए भेजा गया था। उसकी सेहत में सुधार होने पर रेल अधिकारियों ने रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर उसका मेडिकल करवाया गया। इसमें उसे अनफिट पाया गया। इसके बाद रमिंदर को कैटेगिरी ए-वन से बी-वन में तब्दील किए जाने की बात की जा रही है। उधर, डिवीजन के एक इलेक्ट्रिकल अधिकारी ने बताया कि रमिंदर मेडिकल में अनफिट पाया गया है। अब इसे कहां भेजा जाएगा इसका निर्णय वरिष्ठ अधिकारी लेंगे।
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