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चेकों में हेरफेर करके ग्रांट में 1

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सरकारी ग्रांट के चेक में हेरफेर करके 18.62 लाख का घोटाला
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डीसी के आदेश और डीडीपीओ ने की मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। डीसी मोहम्मद तैयब के आदेशों और जिला विकास व पंचायत अधिकारी कपूरथला इकबालजीत सिंह की ओर से ब्लाक ढिलवां में पड़ते गांव डोगरावाल को विकास कार्य के लिए मिली ग्रांट की जांच के बाद 18 लाख 62 हजार 179 रुपये का घोटाला सामने आया है। डीडीपीओ की ओर से सौंपी गई अपनी रिपोर्ट के बाद डीसी मोहम्मद तैयब के आदेशों और ब्लाक विकास व पंचायत अधिकारी ढिलवां की ओर से एसएसपी कपूरथला को गांव डोगरावाल के पूर्व सरपंच प्यारा सिंह और पंचायत सचिव भूपिंदर सिंह खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पत्र लिखा गया है।
जिला विकास व पंचायत अधिकारी कपूरथला इकबालजीत सिंह की ओर से ब्लाक ढिलवां में पड़ते गांव डोगरावाल के विकास कार्य के आई ग्रांटों संबंधी जांच के दौरान पंचायत सचिव व जेई को रिकार्ड पेश करने के लिए कहा गया। उस समय के बीडीपीओ ढिलवां को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया। इस पर जेई मोहन लाल की ओर से अपनी असेसमेंट रिपोर्ट पेश की गई। मिनती के अनुसार 18 लाख 62 हजार 179 रुपये कम पाए गए। इस पर उस समय की ब्लाक विकास व पंचायत अधिकारी ढिलवां धारा कक्कड़ ने जांच में पेश होते हुए बताया कि वह 25 अक्तूबर 2016 से 21 अप्रैल 2017 तक ढिलवां में तैनात रही और भूपिंदर सिंह पंचायत सचिव ने चैक नं. 371324 दोआबा ब्रिक्स ट्रेडर्स के नाम पर 99 हजार 500 रुपये, चेक नं. 371325 बाजवा सीमेंट स्टोर के नाम 49 हजार 100 रुपये और चेक नं 371326 जगदीप सिंह के नाम 57 हजार रुपये का काटकर साइन करवाए थे। उन्होंने बताया कि यह सारी रकम से गलियों, नालियों बनवाने का काम चुनाव आचार संहिता से पहले शुरू किया गया था। उनकी ओर से अपने रजिस्टर में तीन चेक सहित रकम नोट की हुई थी पर जो चेक व पारित प्रस्ताव अब दिखाए जा रहे हैं, उनमें चेक नं जो 371324 दोआबा ब्रिक्स ट्रेडर्स के नाम पर काटा गया था, उस पर यह रकम 8 लाख 99 हजार 500 रुपये भरी हुई है और जो चेक नं 371325 बाजवा सीमेंट स्टोर के नाम पर काटा गया था, उस पर यह रकम 18 लाख 49 हजार 100 रुपये की हुई है व जो चैक नं 71326 जो जगदीप सिंह के नाम पर काटा गया था उस पर यह रकम 5 लाख 57 हजार रुपये का भुगतान हुआ है।
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बीडीपीओ ने कहा कि पंचायत सचिव व सरपंच ने चेक से छेड़छाड़ करके रकम को बढ़ाया और सरकार से धोखाधड़ी कर ज्यादा रुपये निकलवा लिए। डीडीपीओ की ओर से जेई मोहन लाल और बीडीपीओ धारा कक्कड़ के बयान के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए लिखा कि गांव डोगरावाल को दो ग्रांट 33 लाख रुपये रुरल पखानों और 10 लाख रुपये कैटल फेयर फंड से जारी की गई थी। इसमें से 33 लाख की ग्रांट सरकार को वापस कर दी गई है। 10 लाख की कैटल फेयर फंड और कुछ अन्य ग्रांटों का प्यारा सिंह पूर्व सरपंच डोगरांवाल और भूपिंदर सिंह पंचायत सचिव ने मिलीभगत करके 18 लाख 62 हजार 179 रुपये का गबन किया है।
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