पूर्व वीसी के कार्यकाल से संबंधित 60 प्रतिशत दस्तावेज जब्त
थाना सिटी में आरोपी पीटीयू के पूर्व वीसी से पूछताछ का दौर जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
आईकेजी पीटीयू के पूर्व वीसी रजनीश अरोड़ा के कार्यकाल से संबंधित दस्तावेज को खंगालने में विजिलेंस की टीम जुट गई है। विजिलेंस ने पीटीयू से करीब 60 प्रतिशत के करीब दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पीटीयू में विजिलेंस की दस्तक से अफसरों में हड़कंप मच गया है। वहीं नियमों को दरकिनार करके नियुक्त हुए लोगों में भी खौफ है।
विजिलेंस यूनिट कपूरथला के डीएसपी कर्मवीर सिंह चाहल ने बताया कि अभी पूछताछ का दौर शुरू हुआ है। कई चरणों में पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अभी तो पूर्व वीसी रजनीश अरोड़ा के तीन-तीन साल के दो कार्यकाल के दौरान अनियमितताओं, नियुक्तियों, पद का दुरुपयोग करते हुए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने अपने चहेतों को खुश करने के लिए यूनिवर्सिटी के सरकारी पैसे की फिजूलखर्ची से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं उन्होंने बताया कि मंगलवार को तो महज 60 प्रतिशत दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
वह खुद अपनी टीम के साथ जाकर मामले से संबंधित दस्तावेज लेकर आए हैँ। शेष दस्तावेज बुधवार को लेकर आएंगे। उसके बाद इन दस्तावेजों को खंगालने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। उन्होंने बताया दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान गलत पाए जाने वाले लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने बताया कि आरोपी पूर्व वीसी रजनीश अरोड़ा को थाना सिटी की पुलिस के हिरासत में रखा गया है, जहां पर पूछताछ का दौर जारी है। विजिलेंस की टीम ने अरोड़ा का 12 जनवरी तक का रिमांड हासिल किया है। पुलिस इन दस्तावेजों के अलावा प्रापर्टी से संबंधित दस्तावेजों को भी जांच में शामिल करेगी।
विजिलेंस की दस्तक से पीटीयू में हड़कंप
विजिलेंस यूनिट कपूरथला की टीम डीएसपी कर्मवीर सिंह चाहल के नेतृत्व में पीटीयू पहुंची तो वहां अफसरों में हड़कंप मच गया। हर कोई अधिकारी इस मामले से खुद को बचाता ही नजर आ रहा है। पूर्व वीसी के गिरफ्तार होने से पीटीयू कैंपस में चर्चा का दौर है। हर कोई दबी जुबां में जैसी करनी, वैसी भरनी की बातें करते नजर आए।
पीटीयू में रजनीश अरोड़ा की बोलती थी तूती
वीसी रहते हुए रजनीश अरोड़ा की पूरे पीटीयू में तूती बोलती थी। हर कोई वीसी से खौफ खाता था। आरएसएस का प्रचारक होने के कारण पीटीयू में संघ और भाजपा से संबंधित लोगों को लाभ पहुंचाने की बातें भी सामने आ रही हैं। पीटीयू कैंपस में आरएसएस और भाजपा के लोगों को नियमों के विपरीत जाकर तैनात करने की बातें हर किसी की जुबां पर है। हालांकि पीटीयू का कोई भी अधिकारी मीडिया के सामने जुबां खोलने से बचता रहा।