संवाद न्यूज एजेंसी
कपूरथला। लंबे अरसे से माल रोड के फुटपाथ पर अवैध रेहड़ियां लगवाकर एक व्यक्ति के ‘अवैध वसूली’ का खेल नगर निगम ने बुधवार को बंद कर दिया। कुछ समय पहले निगम की ओर से रेहड़ी वालों को चेतावनी दी थी, लेकिन इसका रेहड़ी वालों पर असर नहीं हुआ। जब इस मामले में एक निजी व्यक्ति की ओर से अवैध वसूली का खेल निगम कमिश्नर अनुपम कलेर के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद बुधवार की शाम चार बजे निगम ने माल रोड व श्रीसत्यनारायण बाजार से 22 रेहड़ियां व स्टाल हटवा दिए।
इन अवैध कब्जाधारियों से फुटपाथ खाली कराने की पुष्टि करते हुए निगम के इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने बताया कि शहर में अन्य बाजारों में भी अवैध कब्जों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं ईओ बृज मोहन ने रेहड़ी वालों की रोजी रोटी प्रभावित न होने संबंधी बताया कि जल्द शहर में उचित स्थान देखकर रेहड़ी बाजार स्थापित किया जाएगा।
ऐतिहासिक शहर कपूरथला में अवैध कब्जों की भरमार तथा एकमात्र सैरगाह माल रोड के फुटपाथ पर अवैध ढंग से लगी खाने-पीने की रेहड़ियों व अस्थायी स्टालों के लगने से राहगीरों की आने वाली परेशानी संबंधी बीते दिनों मीडिया में खबरें प्रकाशित की गई थी। इस पर गंभीरता दिखाते हुए निगम इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह सहित 10 कर्मियों की टीम ने बुधवार को श्री सत्यनारायण बाजार तथा माल रोड पर लगी रेहड़ियों पर कार्रवाई करते हुए 22 रेहड़ियों व अस्थायी स्टालों को कब्जे में ले लिया है। फुटपाथ पर लगी रेहड़ियों पर कार्रवाई करने पहुंचे निगम के इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने बताया कि उक्त रेहड़ी वालों को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन कोई असर नहीं हो रहा था। इसलिए आज उच्च अधिकारियों के आदेश पर अवैध कब्जों के खिलाफ की गई कार्रवाई की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माल रोड पर लगी कुछ रेहड़ियों से निगम की ओर से तहबाजारी वसूलने की बजाय एक अन्य व्यक्ति कथित मोटी रकम की अवैध वसूली कर रहा था। इसकी सूचना भी निगम अधिकारियों को पहुंची थी, जिसके बाद यह कार्रवाई अंजाम में लाई गई है।
माल रोड पर आधे घंटे बाद ही फुटपाथ पर फिर लग गई रेहड़ियां
डरा निगम इंस्पेक्टर बोला, ‘भाजी मैं कल्ला बंदा, मेरे गल्ल पैअ जान फेर’
माल रोड पर आधे घंटे बाद ही फुटपाथ पर फिर लग गई रेहड़ियां
कपूरथला। नगर निगम इंस्पेक्टर माल रोड (ठंडी सड़क) के फुटपाथ पर लगने वाली रेहड़ियों की अवैध वसूली के खेल से डर गया है। निगम ने कार्रवाई तो जरूर की थी, लेकिन आधे घंटे के बाद ही दोबारा फुटपाथ पर रेहड़ियां जस की तस फिर से लग गई। ऐसे में नगर निगम की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं कि जो रेहड़ियां व स्टाल कब्जे में लिए गए थे ततो बिना जुर्माना अधिकारियों को बताए बिना किस कानून के तहत वापस लौटाए गए। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस अवैध वसूली के खेल में निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत हैं या फिर अवैध वसूली करने वाले के प्रभाव के चलते निगम कर्मचारियों ने रेहड़ियां कब्जे में बस मात्र औपचारिकता निभाने के लिए ही लीं थीं। जब निगम के इस्पेक्टर कुलवंत सिंह से बात की गई तो उसने सहमे हुए कहा कि ‘भाजी मैं कल्ला बंदा, जे मेरे गल्ल पै जान फेर?’ इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम के कर्मचारी अवैध कब्जे छुड़ाने को लेकर संजीदा नहीं हैं।