नगर निगम के विपक्ष दल कांग्रेसी पार्षदों ने वीरवार को निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा को ज्ञापन सौंपा।
इसमें कांग्रेसी पार्षदों ने मांग की है कि एक फरवरी 2016 को हुई निगम हाउस की बैठक में कई मुद्दों पर पुनर्विचार की जरूरत है, इसलिए बैठक को दोबारा बुलवाया जाए।
पार्षद जगदीश राजा ने कहा कि एक फरवरी की हाउस की मीटिंग दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई थी, मगर सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन से काउंसिलर मीटिंग हाल के अंदर नहीं जा सके।
करीब डेढ़ घंटा इंतजार करने के बाद भी मीटिंग शुरू नहीं हुई थी। इस वजह से कई कांग्रेसी पार्षद वापस चले गए थे।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को मनाने के बाद मेयर और कमिश्नर ने 4 बजे हाउस मीटिंग शुरू कर दी थी, उसी समय कई कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर से मीटिंग को स्थगित करने की अपील की थी, क्योंकि कई पार्षद वापस जा चुके थे।
मेयर ने कांग्रेसी पार्षदों की बात मानने के बजाए मीटिंग कर दी थी। राजा ने कहा कि मीटिंग में रखे गए सात प्रस्तावों पर पुनर्विचार की जरूरत है। इसलिए फिर से मीटिंग को बुलवाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब म्यूनिसिपल वाटर मीटर पॉलिसी शहरवासियों की लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पानी और सीवरेज के बिल को बिजली बिल के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि राजीव आवास योजना के अधीन मंजूर पाइलट प्रोजेक्ट को रद्द करने, सड़कों को साफ करवाने के लिए रोड स्वीपिंग मशीन को किराए पर लेने संबंधी प्रस्तावों पर विचार की जरूरत है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान रजिंदर बेरी, जूनियर हेनरी, पार्षद बंटी नीलकंठ, पार्षद पवन कुमार, पार्षद अरुणा अरोड़ा, पार्षद उमा बेरी, पार्षद पति मनोज अरोड़ा मौजूद थे।