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जान जोखिम में डालकर नदी पार करना बनी मजबूरी

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रामपुर में शुक्रवार को लालपुर में बैलगाड़ी से बाइक पार कराने के बाद पैसे देता पुलिस कर्मी। - फोटो : RAMPUR
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टांडा/सैदनगर। ग्राम लालपुर में प्रशासन की ओर से एक तरफ से कराई गई बैरिकेडिंग लोगों की सुरक्षा के लिए मजाक साबित हो रही है। एक तरफ से तो अधिकारियों की ओर से रोड को ब्लॉक करने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है जबकि टांडा से जाने वाले मार्ग को खोल रखा है। जिसके कारण लोग टांडा की तरफ से नदी में बैलगाड़ियों पर बाइक रखवा कर खुद पानी में होते हुए नदी पार कर रहे है। वहीं लाखों की आबादी विधायक तथा सांसद के ना होने पर पुल बनवाने की अपनी मांग सरकार तक कैसे पहुंचाए सोचने को विवश है।
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नवाबी दौर में टांडा आने के लिए नवाब रजा अली खां की ओर से अपने लिए ग्राम लालपुर स्थित कोसी नदी पर पुल बनवाया था। समय बढ़ता गया और क्षेत्र में आबादी भी बढ़ती गई। जिससे उक्त पुल समय के साथ कमजोर होने के साथ ही बढे़ आवागमन के चलते धीरे-धीरे टूटना शुरू हो गया और लंबे समय पहले ही पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया और 2016 में पूर्व मंत्री आजम खान द्वारा उक्त पुल को तुड़वा कर उसके स्थान पर 315 करोड़ की लागत से दूसरा पुल बनवाना शुरू कर दिया। सरकार बदली और पुल का काम रुक गया। उधर, आमजन के लिए नदी पार करने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर अस्थाई पुल बनाया जाता है जो की 15 जून से बरसात लगने से पहले ही प्रशासन की ओर से उखड़वा लिया जाता है। जिसके कारण तहसील क्षेत्र की करीब पांच लाख की जनता का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है। लेकिन जन प्रतिनिधि तथा सरकार पूरी तरह मूक दर्शक बनी लाखों लोगों को परेशान होता देखती रहती है। लोग जान जोखिम में डाल कर बैलगाड़ी तथा पैदल ही नदी पार करते है। यह मुद्दा अमर उजाला द्वारा लोगों की सुरक्षा तथा पुल निर्माण का मुद्दा उठाने पर प्रशासन द्वारा खौद से लालपुर आने वाला रास्ता बंद कर दिया लेकिन टांडा से लालपुर आने वाला रास्ता ज्यूं का त्यूं ही खुला हुआ है। जिसके कारण बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चों को गोद में लेकर कमर से ऊपर पानी में जान की परवाह ना करते हुए पार करते रहते हैं। मौके पर लोगों की सुरक्षा के लिए ना ही तो पुलिस की तैनाती की गयी है और ना ही कोई बैरिकेडिंग जिससे वाहनों को नदी की तरफ जाने से रोका जा सके।
हमारी भी सुनो सरकार
जरूरी कार्य से रिश्तेदार के घर पर जाना था इसलिए घर से निकले थे। पुल टूटने के कारण नदी से होकर जाने को विवश है अन्यथा पचास किलोमीटर अधिक का सफर तय कर के रिश्तेदार के घर पहुंच पाएंगे। - पवन, निवासी टांडा
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कृषि कार्य के लिए नदी से होते हुए रामपुर गए थे। अगर पुल बना होता तो अपनी जान जोखिम में डालकर नदी क्यों पार करते। सरकार को लोगों को समस्या को देखते हुए जल्द ही पुल का निर्माण करवाना चाहिए। - अब्दुल रशीद, निवासी ग्राम शाहपुरा
नरपत नगर स्थित पेट्रोल पंप पर नौकरी करते है, रोज आना जाना होता है अगर घूम कर जाएंगे तो अधिक पेट्रोल खर्च होगा और टाइम भी अधिक लगेगा। इसलिए नदी में होते हुए जाने को विवश है। प्रशासन को जनता की सुध लेने का समय नहीं है।
- नीरज पाल, निवासी ग्राम लालपुर
खौद में सुसराल है पत्नी को लॉकडाउन के बाद मायके भेजा था तब पुल चालू था लेकिन अब जब लेने आए है तो पुल उखड़ चुका है। बैलगाड़ी वाले को चालीस रुपये देकर बाइक को उसमें रखकर नदी पार कर रहे है। समय की बचत तो हो रही है लेकिन पैसे अधिक खर्च हो रहे है।
- चन्दन सिंह, निवासी ठिलिया (मुरादाबाद)
कोतवाली निरीक्षक को निर्देश दे दिए गए हैं कि लालपुर में रोड को पूरी तरह बंद कर दिया जाए। लोगों को ऐसे जान जोखिम में डाल कर नदी पार करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर कोई बैलगाड़ी में बैठकर नदी पार करता हुआ या करवाता हुआ मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- गौरव कुमार, एसडीएम, टांडा

रामपुर के लालपुर में शुक्रवार को ट्रैक्टर-ट्राली से कोसी नदी पार करते लोग।- फोटो : RAMPUR

टांडा लालपुर पुल बंद होने के बाद कोसी नदी पार करते ग्रामीण। फोटो-संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RAMPUR

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