डेरे के प्रबंधक भले ही आशुतोष महाराज की गहन समाधि का दावा करें, लेकिन जांच करने वाले चिकित्सकों ने क्लीनिकल डेथ का दावा छह तथ्यों को आधार बनाकर किया है। जिन चिकित्सकों ने आशुतोष महाराज का चेकअप किया है, उनका मानना है कि उनके क्लीनिकल डेथ का अहम कारण कार्डिक अरेस्ट है।
अपनी रिपोर्ट में आंखों के सर्जन डॉ. अशोक ने लिखा है कि 29 जनवरी 2014 की आधी रात जब उन्होंने डॉ. करतार कौर के साथ मिलकर आशुतोष महाराज की जांच की तो पता चला कि कार्डिक अरेस्ट के कारण उनकी क्लीनिकल डेथ हो चुकी है।
इस बीच रात करीब दो बजे चंडीगढ़ से डॉ. हरपाल भी डेरे पर पहुंचे। बाद में अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को भी बुलाया गया, वहां से डॉ. परमिंदर कुमार मोदगिल एंबुलेंस के साथ आ पहुंचे। उन्होंने चेकअप में पाया कि आशुतोष महाराज की नब्ज गायब थी। ब्लड प्रेशर रिकार्ड नहीं हो रहा था। फेफड़ों की कोई भी मूवमेंट नहीं थी। बॉडी की सारी मूवमेंट नदारद थी। आंखों की पुतली फिक्स हो चुकी थी। इसआधार पर ही यह माना गया कि आशुतोष महाराज की क्लीनिकल डेथ हो चुकी है।
वहीं अपोेलो अस्पताल की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक आशुतोष महाराज की हालत के बारे में डेरा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से रात 12.50 बजे बताया गया। इस पर डॉ. मोदगिल की ड्यूटी लगाई गई। एक बजकर 10 मिनट पर डॉ. मौदगिल को सारे उपकरणों के साथ एंबुलेस सहित रवाना कर दिया गया था। जब वे वहां पहुंचे तो उन्होंने आशुतोष महाराज को क्लीनिकल डेथ घोषित कर दिया।