अबोहर के मलोट-सीतो रोड बाईपास पर मिट्टी डालकर रोका गया बाढ़ का पानी।
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भारी बारिश से हलका बल्लूआना के अधिकतर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ का यह पानी सीतो-मलोट रोड बाईपास कि किनारे पर उफान ले रहा है। जिस कारण बाईपास के किनारे खेती करने वाले किसानों ने सड़क किनारे लंबा बांध लगा दिया है। चिंता वाली बात यह है कि जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मलोट रोड रेलवे फाटक से लेकर सीफेट तक बाढ़ का पानी बाईपास से करीब एक फुट ऊंचा बह रहा है। पानी का बहाव शहर की ओर रोकने के लिए सड़क किनारे मिट्टी का लंबा बांध लगाया गया है। कई बार बाढ़ का पानी इस बांध के ऊपर से गुजरने लगता है। जिसके चलते किसान व प्रशासन लगातार इस बांध की निगरानी कर रहे हैं। पानी का स्तर जिस प्रकार से बढ़ रहा है, उससे सड़क किनारे लगे बांध के टूटने का खतरा बना है। बाढ़ का पानी बठिंडा-श्रीगंगानगर रेल लाइन के दोनों ओर पटरियों को छू रहा है। ऐसे में अगर यह बांध टूटा तो शहर के सीतो रोड क्षेत्र का अधिकतर हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ सकता है। किसानों ने प्रशासन से पानी निकासी के लिए और अधिक मोटरें लगाने की अपील की है, ताकि पानी के बहाव को शहर की ओर आने से रोका जा सके।