स्कूली बसों की वजह से बढ़ रहे हादसों और नौनिहालों की मौत से आहत सीएएसए ने अगले साल स्कूली बसों को बंद करने का फैसला लिया है।
सीबीएसई एफिलेटिड स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि अक्सर ड्राइवरों की गलती से ये हादसे होते हैं, लेकिन इस मामले में स्कूल कॉलेज के प्रबंधकों को काफी परेशानी से गुजरना पड़ता है।
सीएएसए की बुधवार को हुई बैठक में प्रधान अनिल चोपड़ा ने कहा कि सभी शाहकोट में छात्र अंश की बस के नीचे आने से हुई मौत से काफी आहत हैं।
उन्होंने बच्चे के परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यातायात के बढ़ते प्रभाव से बच्चे सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं।
उन्होने पंजाब में बढते नशे का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में बढ़ते नशे के कारण ज्यादातर ड्राईवर व कंडेक्टर नशेड़ी है, जिस कारण ओर हादसे होने का भी डर बना रहता है।
अनिल चोपड़ा ने कहा कि स्कूली बसों के बारे में अदालत का फैसला आना अभी बाकी है। वहीं एसोसिएशन ने अपील की है कि सरकार चाहे तो उनकी बसों को लेकर सरकारी रूप से चला सकती है।
उन्होंने अभिभावकों को भी अपील की है कि आने वाले समय में स्कूलों के इस फैसले में सहयोग दें।