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कैप्टन की भाजपा से बढ़ी दूरी: छह साल बाद पूर्व सीएम को कांग्रेस लगने लगी अपनी, राहुल के संदेश से पिघल गया मन

Tue, 02 Jun 2026 01:17 PM IST
Sharukh Khan सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर

सार

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की भाजपा से दूरी बढ़ गई है। छह साल बाद उन्हें कांग्रेस अपनी लगने लगी है। राहुल गांधी के संदेश से मन पिघल गया है। भाई के निधन पर भाजपा की चुप्पी से आहत हैं।
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Captain Amarinder Singh - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के भीतर खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे कैप्टन ने हाल के दिनों में कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी के प्रति सार्वजनिक तौर पर सकारात्मक रुख दिखाया है। 
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इससे उनके भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर नए कयास शुरू हो गए हैं। 27 मई को कैप्टन के बड़े भाई राजा रणधीर सिंह के निधन के बाद भाजपा नेतृत्व की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने को लेकर उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई है। 

सूत्रों के अनुसार कैप्टन इस बात से आहत हैं कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ी, उसके वरिष्ठ नेताओं ने दुख की घड़ी में कोई विशेष संवेदना व्यक्त नहीं की। इसके विपरीत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से शोक संदेश भेजा। इससे पहले राहुल गांधी ने कैप्टन के जन्मदिन पर भी उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। राजनीतिक हलकों में इन घटनाओं को महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
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पंजाब कांग्रेस के नेताओं का नरम रुख
पंजाब कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से भी कैप्टन के प्रति नरम रुख दिखाई दे रहा है। ऐसे में भाजपा से बढ़ती नाराजगी और कांग्रेस नेतृत्व के साथ बनते संवाद ने उनकी संभावित घर वापसी की अटकलों को और बल दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब की राजनीति में कैप्टन का अगला कदम आने वाले समय में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
 

भाजपा से नाराजगी
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के एक बयान ने विवाद को और हवा दे दी। बिट्टू ने कैप्टन पर तीखा हमला करते हुए उन्हें बेड पर पड़ा बुजुर्ग बताया था। साथ ही उन्होंने पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की सराहना की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान से भाजपा और कैप्टन के बीच बढ़ती दूरी और स्पष्ट हुई है।

कांग्रेस के निर्णय प्रक्रिया की सराहना
कैप्टन ने हाल में कांग्रेस की निर्णय प्रक्रिया की भी खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की बात सुनती है जबकि भाजपा में फैसले शीर्ष स्तर से थोपे जाते हैं। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व के प्रति नरम पड़ते रुख के रूप में देखा जा रहा है।

 
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दिलचस्प यह है कि वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़ते समय कैप्टन ने गांधी परिवार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सोनिया गांधी को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। हालांकि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके सुर बदले नजर आ रहे हैं।


 
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