कनाडा में फिरौती और गोलीबारी की घटनाओं को लेकर कैलगरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 वांछित व्यक्तियों की तस्वीरें और पहचान संबंधी विवरण जारी किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, लंबी जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर इन व्यक्तियों को फिरौती और गोलीबारी से जुड़े 59 मामलों की जांच में वांछित किया गया है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए आम लोगों से सहयोग मांगा है। जारी जानकारी के अनुसार, इनमें से अधिकतर युवा स्टडी परमिट पर पढ़ाई करने के लिए कनाडा पहुंचे थे, लेकिन पुलिस का आरोप है कि इनमें से कई कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए।
पुलिस ने आशंका जताई है कि कुछ वांछित व्यक्ति कनाडा छोड़कर भारत भी पहुंच चुके हो सकते हैं। ऐसे में उनकी तलाश के लिए लोगों से इनके ठिकानों के बारे में जानकारी देने की अपील की गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और वे बिना किसी डर के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इनमें अधिकतर संख्या पंजाबी युवाओं की है।
कनाडा अधिकारियों के मुताबिक किसी वांछित व्यक्ति के भारत में होने की पुष्टि होती है, तो उसे वापस लाने के लिए संबंधित अंतरराष्ट्रीय और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इंटरपोल की मदद ली जा सकती है।
पुलिस द्वारा जारी सूची में गगनदीप सिंह उर्फ गग्गी (29), तानवीर सिंह (21), कनुरीत कौर (23), रवजोत तूर (20), आकाशदीप सिंह (19), गुरकरन धालीवाल (21), इशानदीप सिंह (19), जरमनजीत सिंह उर्फ गैरी सिंह (20), अमनदीप सिंह (21), तरनवीर सिंह (24), करनबीर सिंह (21), अमनदीप मल्लि (39), संदीप सिंह उर्फ हरमन गिल (32), परदीप सिंह (24), जसकरन सिंह उर्फ जस्सी बुट्टर (21), अनुराग सिंह सिद्धू (21) और दक्ष गौतम (25) के नाम शामिल हैं। इनकी तस्वीरें सार्वजनिक करने के पीछे पुलिस का उद्देश्य लोगों की मदद से इनकी पहचान और संभावित ठिकानों का पता लगाना है।
कनाडा में पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर जाने वाले युवाओं के आपराधिक मामलों में कथित तौर पर शामिल होने की घटनाएं एक गंभीर चिंता का विषय हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति को वांछित सूची में शामिल किए जाने का अर्थ अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। सभी आरोपों का फैसला अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।