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कनाडा बदलेगा स्पाउस वीजा नियम: अब बिना अंग्रेजी के नहीं जा सकेंगे, पंजाब में फर्जी शादियों पर कसेगा शिकंजा

Fri, 22 May 2026 08:32 AM IST
Nivedita सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

पंजाब में विदेश जाने की चाह में कांट्रैक्ट मैरिज का एक बड़ा बिजनेस खड़ा हो गया है। पहले यदि आवेदक कनाडा में पढ़ाई या जाॅब कर रहा होता था तो उसके जीवनसाथी को भाषा परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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कनाडा सरकार ने स्पाउस ओपन वर्क परमिट नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नए नियम लागू होने पर फर्जी और कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा पहुंचने वालों पर बड़ा असर पड़ सकता है। 

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प्रस्ताव के मुताबिक भारत से स्पाउस वीजा या वर्क परमिट के लिए आवेदन करने वाले पति या पत्नी को अंग्रेजी भाषा दक्षता साबित करने के लिए आईलेट्स या अन्य मान्यता प्राप्त लैंग्वेज टेस्ट पास करना अनिवार्य हो सकता है।

अब तक यदि मुख्य आवेदक कनाडा में पढ़ाई या नौकरी कर रहा होता था तो भारत में बैठे उसके जीवनसाथी को भाषा परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोग काॅन्ट्रैक्ट विवाह के जरिए कनाडा पहुंच रहे थे। कई मामलों में स्पाउस पढ़ा-लिखा भी नहीं होता था।
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प्रस्ताव के अनुसार अब केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के जीवनसाथियों को स्पाउस ओपन वर्क परमिट मिलेगा जो मास्टर्स, पीएचडी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य हाई-स्किल प्रोफेशनल कोर्स कर रहे होंगे। सामान्य डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या साधारण बैचलर डिग्री करने वाले छात्र अपने पार्टनर को नहीं बुला सकेंगे।

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सात तक हो सकता है सीएलबी स्कोर

कनाडा में नौकरी कर रहे लोग भी तभी अपने जीवनसाथी को बुला पाएंगे जब वे हेल्थकेयर, आईटी या अन्य हाई-स्किल श्रेणी की नौकरियों में कार्यरत हों और उनके वर्क परमिट में कम से कम 16 महीने की वैधता बची हो। प्रस्तावित नियमों के तहत सामान्य नौकरियों के लिए सीएलबी 5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए सीएलबी 7 स्कोर जरूरी हो सकता है।

कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलिर का कहना है कि भाषा कौशल की कमी के कारण कई प्रवासी अच्छे रोजगार नहीं पा पाते और उनके शोषण का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि नए नियम कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी विवाहों पर रोक लगाने में मदद करेंगे।

विज्ञापन देकर ढूंढते हैं पढ़ी-लिखी लड़की

पंजाब में विदेश जाने की चाहत ने कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और मैरिज ग्रुपों में अक्सर 6 बैंड वाली लड़की चाहिए जैसे विज्ञापन दिखाई देते हैं। इसमें ऐसे परिवार शामिल होते हैं जिनके पास पैसा तो होता है लेकिन बेटा आईलेट्स पास नहीं कर पाता। दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन अच्छे बैंड वाली लड़कियों को कनाडा भेजने के बदले लाखों रुपये का सौदा किया जाता है। बाद में कई मामले धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और विवाद तक पहुंच जाते हैं। वीजा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद फर्जी शादियों के जरिए कनाडा पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा।
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