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Jalandhar News: भगतांवाला कूड़ा डंप में बायोरेमिडेशन शुरू, अगले साल अक्तूबर में खत्म होगा 11 लाख मीट्रिक टन कूड़ा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतसर। भगतांवाला डंप परे एलान के 10 महीने बाद गुरुवार को बायोरेमिडेशन सिस्टम शुरू हुआ। ईको स्टैन कंपनी 15 महीने में अगले साल अक्तूबर तक 11 लाख मीट्रिक टन कूड़ा खत्म करेगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2026 तक डंप खाली करने की हिदायतें दी हुई हैं। इससे पहले नगर निगम एनजीटी के सामने कोई न कोई मजबूरी रखते हुए डंप खाली करने की डेडलाइन बढ़ाता आया है।
डंप के कारण कई बार लोग बीमार हो चुके हैं। पिछले करीब चार से पांच विधायक इस पर राजनीति करते हुए क्षेत्र की सीट जीत चुके हैं लेकिन मसला आज तक हल नहीं हुआ था। मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने वीरवार को बायोरेमिडेशन की शुरुआत करवाई। इससे पहले अवर्डा ने 28 नवंबर, 2024 से लेकर 31 दिसंबर तक बायोरेमिडेशन की थी। मई 2024 के मध्य तक करीब पौने दो साल बायोरेमिडेशन बंद रही थी। नगर निगम ने डंप पर बायोरेमिडेसन के लिए 46 करोड़ का टेंडर लगाया था जिसमें यह टेंडर 36.53 करोड़ में अलाॅट हुआ था। ईको स्टैन कंपनी को पिछले माह वर्क ऑर्डर जारी हुआ है। विधानसभा हलका दक्षिणी के विधायक डाॅ. इंदरबीर सिंह निज्जर, मेयर जतिंदर सिंह भाटिया, विधायक अजय गुप्ता, निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बायोरेमिडेशन की शुरुआत करवाई।
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कंपनी ने दो ट्रामिल और एक बेलेस्टिक सेपरेटर मशीन लगाई है। इस मशीरी से अगर दो शिफ्ट में भी काम किया जाए तो शुरुआती दौर में 1600 मीट्रिक टन कूड़े के बायोरेमिडेशन हो सकती है। आगे जैसै जैसे डंप पर जगह खाली होती जाएगी कंपनी मशीनरी बढ़ाएगी। इसमें 7 ट्रामिल और दो बेलेस्टिक सेपरेटर मशीनें स्थापित करने की योजना बताई जा रही है। कंपनी रोजाना 3333 मीट्रिक टन कूडो की बायोरेमिडेशन करती है तो 15 महीने में 11 लाख मीट्रिक टन कूड़ा खत्म कर सकेगी। नगर निगम की तरफ से करवाए गए टोपोग्राफिक सर्वे में डंप पर 14.67 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा होने की बात सामने आई थी। डंप पर 18.1 एकड़ एरिया में कूड़े के चार पहाड़ बने हुए हैं।
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मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि भगतांवाला डंप अंग्रेजों के समय से चला आ रहा है। कई सरकारों ने इस पर राजनीति करते हुए वोट बटोरे लेकिन डंप खाली नहीं करवाया। हर विधानसभा चुनाव में जनता का ध्यान भटकाने के लिए इसे मुद्दा बनाया जाता रहा। मेयर का कार्यभार संभालने के बाद शहर को साफ सुथरा रखने की योजना में डंप को खाली करवाना मुख्य लक्ष्य रखा था। इसके अलावा सेकंडरी पॉइंट्स भी खाली करवाए जाएंगे।
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