जीरा (फिरोजपुर)। गांव लोहके खुर्द के रहने वाले शिक्षक दंपती अपने दो बच्चों के साथ बाइक समेत वीरवार सुबह ग्यारह बजे राजस्थान फीडर में कूद गए। नहर में पानी का बहाव तेज था, जिस कारण पिता और बेटा बह गए। वहां मौजूद लोगों ने महिला और उसकी बेटी को बचा लिया। आशंका जाहिर की जा रही है कि पूरा परिवार खुदकुशी करने के लिए नहर में कूदा था, क्योंकि नहर के पुल से एक बार गुजर जाने के बाद फिर दोबारा लौटे और सीधे बाइक समेत नहर में कूद गए। सूचना मिलते ही वहां पर पुलिस पहुंची और गोताखोरों के जरिये बाप-बेटे की तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक शिक्षक बेअंत सिंह (35) वासी लोहके खुर्द क्षेत्र के गांव शाह वाला में उसका अपना स्कूल है। कोविड-19 के चलते स्कूल कई माह से बंद पड़ा था। इस कारण परिवार आर्थिक तंगी झेल रहा था। वीरवार को बेअंत अपनी पत्नी वीरजीत कौर (34) (अपने स्कूल की प्रिंसिपल थी) और बेटा गुरबख्श सिंह (8) और बेटी रहिमत कौर (7 माह) के साथ गांव सुर सिंह वाला में गुरुद्वारे माथा टेकने गया था। वहां से वापस अपने गांव लौट रहा था। बाइक पर बच्चों के साथ जब राजस्थान नहर के पुल से गुजरकर थोड़ी दूर आगे गया और फिर दोबारा वापस लौटकर बाइक समेत सीधे नहर में कूद गया। वहां मौजूद लोगों ने बेअंत को बाइक समेत नहर में कूदते देख लिया। कुछ लोगों ने नहर में कूद कर वीरजीत कौर और उसकी बेटी रहिमत कौर को बचा लिया। जबकि बेअंत और बेटा गुरबख्श पानी के तेज बहाव में बह गया। बताते हैं कि जब वीरजीत कौर को पानी से बाहर निकाला गया तो उसने अपनी बेटी को दोनों हाथों से जोर से पकड़कर रखा था। दोनों सुरक्षित हैं। वहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि जिस तरह बेअंत सिंह पुल से गुजर कर दोबारा लौटा और नहर में कूदा इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बेअंत सिंह ने परिवार सहित खुदकुशी करनी चाही थी। सूचना मिलते ही मौके पर एसडीएम जीरा रणजीत सिंह भुल्लर, डीएसपी राजविंदर सिंह और विधायक कुलबीर सिंह जीरा घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस की ओर से गोताखोरों के जरिये बेअंत और उसके बेटे की नहर में तलाश करवाई जा रही है। मौके पर पहुंचा बेअंत सिंह का भाई सुखवंत सिंह ने कहा कि बेअंत के परिवार पर किसी किस्म की कोई परेशानी नहीं थी।