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परिवार के चार सदस्यों के आत्मदाह मामले में बठिंडा का ईंट भठ्ठा मालिक नामजद

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गांव कलेर में शनिवार को आर्थिक तंगी से परेशान परिवार के आत्मदाह के मामले में रविवार को थाना सदर पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर बठिंडा के ईंट भठ्ठा मालिक शंटी मित्तल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया है। मृतक धर्मपाल ने सुसाइड नोट में शंटी के नाम का उल्लेख करते हुए उस पर धोखा देने का आरोप लगाया था। उसने धोखे के साथ साथ लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए कामकाज से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी थी।
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जानकारी के अनुसार गांव कलेर के एक ईंट भठ्ठे पर पिछले कई साल से बतौर मुंशी कार्य करने वाले मूलरूप से सीकर (राजस्थान) के गांव डुकिया दाता राम निवासी धर्मपाल ने शनिवार को सुबह अपने घर में पत्नी सीमा, बेटी मोनिका व बेटे हितेष कुमार के साथ खुद को आग लगाकर आत्मदाह कर लिया था। हालांकि इस मामले में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की थी, लेकिन रविवार को राजस्थान से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव लेने पहुंचे धर्मपाल के भाई परस राम समेत अन्य पारिवारिक रिश्तेदारों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हंगामा कर दिया। उन्होंने रोष जताते हुए मामले में पुलिस से सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भठ्ठा मजदूर यूनियन के कार्यकर्ता भी पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने पहुंच गए। हंगामे की सूचना मिलते ही डीएसपी सतविंदर सिंह विर्क मौके पर पहुंचे और सुसाइड नोट के आधार पर शंटी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत करवाया। इस मामले में डीएसपी सतविंदर सिंह विर्क ने कहा कि पुलिस ने मृतक धर्मपाल के भाई परस राम के बयान पर शंटी मित्तल बठिंडा के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीवी ब्रिक्स कंपनी के मालिक पर भी आरोप
पुलिस को दिए बयान में परस राम ने आरोप लगाया है कि उसका भाई उससे व अन्य लोगों से 45 से 50 लाख रुपये लाकर यहां भट्ठे के कारोबार में खर्च कर चुका था। इसका रिकॉर्ड डीवी ब्रिक्स कंपनी के मालिक राजेश उर्फ भोला के ईंट भठ्ठे के रिकार्ड में मौजूद है। इस भठ्ठे का रिकार्ड लेकर जांच की जाए और उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। हालांकि इस मामले का सुसाइड नोट में कोई जिक्र नहीं है। डीएसपी सतविंदर सिंह विर्क का कहना है कि अगर जांच में कोई और तथ्य सामने आए तो कार्रवाई की जाएगी।
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