बरगाड़ी बेअदबी केस से संबंधित विवादित पोस्टर लगाने की घटना में पुलिस रिमांड पर चल रहे डेरा सिरसा के दो अनुयायियों सुखजिंदर सिंह सन्नी व बलजीत सिंह को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। एसआईटी ने दोनों आरोपियों का रिमांड बढ़ाने की मांग रखी, जिस पर अदालत ने उनके रिमांड में दो दिन की बढ़ोतरी कर दी। उधर, बचाव पक्ष ने एसआईटी पर केस में झूठा सबूत गढ़ने की मंशा से आरोपी सुखजिंदर सिंह सन्नी से जबरन पोस्टर लिखवाने के आरोप लगाए हैं, जिसके आधार पर आरोपी के लिखाई के सैंपल लेने की मांग की गई और बचाव पक्ष के विरोध के बाद एसआईटी को अदालत में असल पोस्टर की कॉपी पेश करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पोस्टर लगाने की घटना में एसआईटी ने चार अनुयायियों को नामजद किया हुआ है, जिनमें से दो न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जा चुके है, जबकि दो आरोपी सुखजिंदर व बलजीत सिंह को रिमांड पर लिया हुआ था। बुधवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर दोनों को दोबारा अदालत में पेश किया गया और रिमांड में बढ़ोतरी करवाई गई। बचाव पक्ष के वकील विनोद मोंगा ने कहा कि एसआईटी जानबूझ कर मामले को लंबा खींच रही है। रिमांड बढ़ाने के लिए एसआईटी ने आरोपियों से एक मोटरसाइकिल बरामद करवाने का तर्क दिया है, जो पहले ही एक अन्य केस में मोगा पुलिस ने कब्जे में लिया हुआ है। बचाव पक्ष के वकील ने एसआईटी ने इस केस में झूठा सबूत गढ़ने के गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि एक दिन पहले एसआईटी ने एक आरोपी सुखजिंदर सिंह सन्नी को अदालत में पेश करके उसकी लिखाई के सैंपल लेने की मांग रखी और तथाकथित विवादित पोस्टर की फोटो कॉपी को पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विवादित पोस्टर एसआईटी ने जबरन लिखवाया है, ताकि आरोपी की लिखाई के साथ उसका मिलान हो सके। बचाव पक्ष के विरोध के बाद एसआईटी को असली पोस्टर अदालत में पेश करना पड़ा, जोकि सीबीआई ने दिल्ली लैब में आरोपियों की लिखाई के साथ जांच के लिए भेजा था और लिखाई का मिलान नहीं हुआ था, लेकिन इसकी जांच दोबारा एसआईटी कर रही है।