फरीदकोट। वर्ष 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले की तीनों घटनाओं में चार्जशीट डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम व डेरा अनुयायियों ने जेएमआईसी की अदालत में एक याचिका दाखिल करके बेअदबी की घटना के समय पंजाब पुलिस की तरफ से गिरफ्तार दो सिख युवा भाइयों का रिकार्ड मंगवाने का आग्रह किया है। अदालत ने इस याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है और याचिका पर 22 सितंबर को सुनवाई रखी है।
जानकारी के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी की घटना सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने एक फोन काल रिकार्डिंग के आधार पर सिख संगठनों से जुड़े मोगा जिले के गांव पंजगराईं खुर्द निवासी रूपिंदर सिंह व उसके भाई जसविंदर सिंह को गिरफ्तार करके उनके बेअदबी की घटना में शामिल होने का दावा किया था। लेकिन उनकी गिरफ्तारी से सिख संगठनों में रोष फैल गया था जिसके बाद पुलिस ने दोनों को केस से डिस्चार्ज करके उन्हें रिहा कर दिया था। अब डेरा सिरसा ने अपने वकील के माध्यम से फरीदकोट अदालत में याचिका दाखिल करके इन सिख युवाओं की गिरफ्तारी से लेकर उन्हें डिस्चार्ज किए जाने का सारा रिकार्ड मंगवाने का आग्रह किया है।
डेरा सिरसा के वकील विनोद मोंगा के अनुसार पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने बेअदबी मामले की जांच सीबीआई से वापस लेकर पंजाब पुलिस को सौंपी थी और पंजाब पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह अपनी जांच में सीबीआई के तथ्यों को भी शामिल करें लेकिन अभी तक पंजाब पुलिस ने सीबीआई की जांच का कोई भी तथ्य चार्जशीट में शामिल नहीं किया है। इसके बारे में भी उनकी याचिकाएं भी अदालत में लंबित हैं। मालूम हो कि बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच करने वाली सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायियों को क्लीन चिट दे दी थी जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था और मामला उच्च न्यायालय में पहुंचा। इसके बाद उच्च न्यायालय ने जांच पंजाब पुलिस को सौंपी और पंजाब पुलिस ने डेरा प्रमुख व अनुयायियों के खिलाफ अपनी जांच के बाद फरीदकोट अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।