वेतन बढ़ोतरी की डिमांड को लेकर एक बार फिर बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल करने की घोषणा की है। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन पंजाब के कनवीनर अमृत लाल के मुताबिक यह हड़ताल दो दिवसीय होगी।
10 व 11 फरवरी को समूह मुलाजिम बैंक बंद कर हड़ताल पर जाएंगे। उनके मुताबिक इंडियन बैंक एसोसिएशन फोरम आफ बैंक यूनियन की बैठक प्रबंधकों के साथ हुई थी।
इस बैठक में वेतन की बढ़ोतरी 9.5 से 10 फीसदी करने का फैसला किया गया है। उनके मुताबिक यूनियन 10 फीसदी बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं है। इसी कारण अब यूनियन ने हड़ताल करने का फैसला किया है।
अमृत लाल ने बताया कि अगर सरकार ने उनकी मांग को पूरा न किया तो बैंकों के सभी मुलाजिम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। अमृत लाल ने बताया कि एक नवंबर 2002 को सरकार ने आठवें वेतन समझौते के तहत बैंक कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की थी।
यूनियनों को यह मंजूर नहीं है। यूनियन की डिमांड है कि उनके वेतन में वृद्धि का फैसला समझौतों को आधार बनाकर लिया जाएं। अब इस हड़ताल में अधिकारी यूनियनें भी शामिल होंगी। फरवरी में हो रही दो दिवसीय हड़ताल में बैंकों की नौ यूनियनें शामिल हो रही हैं। हड़ताल में देश के करीब 10 लाख कर्मचारी शामिल होंगे।
...तो प्रभावित होगा 20 हजार करोड़ का ट्रांजेक्शन
फरवरी में होने वाली हड़ताल से सीधे तौर पर 20 हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित होगा। अगर यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला करती हैं तो इसका सीधा नुकसान उद्योग, व्यापारी व दुकानदारों को अधिक होगा। अकेले जालंधर जिले में ही दो दिन के दौरान 800 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है।