पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, परमराज सिंह उमरानंगल। (फाइल फोटो)
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एसआईटी ने बहिबल गोलीकांड मामले में सुमेध सैनी और तत्कालीन पुलिस कमिश्नर लुधियाना परमराज सिंह उमरानंगल को भी नामजद कर लिया है। बहिबल कलां गोलीकांड में एसआईटी के आग्रह पर फरीदकोट जिला पुलिस ने थाना बाजाखाना में दर्ज एफआईआर नंबर 130/2015 में रपट दर्ज करते हुए इस बारे में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत को लिखित रूप में जानकारी दे दी है।
बहिबल कलां में 14 अक्तूबर 2015 को पुलिस की गोली लगने से दो नौजवानों की मौत हो गई। एक सप्ताह बाद 21 अक्तूबर को अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर इस केस में तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा, उनके रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह व एसएचओ बाजाखाना अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया।
चरणजीत सिंह शर्मा की गिरफ्तारी हुई जबकि बाकी तीनों पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी। कुछ समय पहले ही उक्त केस में तत्कालीन एसएचओ सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह पंधेर के अलावा आरोपी पुलिस अधिकारियों की मदद के आरोप में फरीदकोट के सुहेल सिंह बराड़ व मोगा के पंकज बंसल को भी गिरफ्तार किया गया।
साथ ही पहले से नामजद इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को वादा माफ गवाह बनाया गया। आरोपी इंस्पेक्टर को गवाह बनाने की प्रक्रिया के दौरान ही एसआईटी सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने जिला अदालत को अवगत करवाया था कि इस केस में तत्कालीन डीजीपी सैनी, तत्कालीन पुलिस कमिश्नर लुधियाना उमरानंगल समेत राज्य का एक बड़ा राजनेता भी आरोपी है। अब एसआईटी ने बाकायदा थाना बाजाखाना में दर्ज केस में रपट दर्ज करते हुए सैनी व उमरानंगल को बतौर आरोपी नामजद कर लिया है। इन्हें हत्या, इरादा ए कत्ल और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं में नामजद किया गया है।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार बहिबल केस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को नामजद किया गया है और जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। आईजी उमरानंगल को कोटकपूरा गोलीकांड केस में गिरफ्तार किया जा चुका है और वह इन दिनों जमानत पर हैं।