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नशा तस्करी साबित होने पर एएसआई की पांच साल की नौकरी कम की, अन्य मामले में युवक ने पत्नी से संबंध रखने के लगाए थे आरोप

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मोगा। करीब छह माह पहले नशा तस्करी करवाने समेत अपनी वर्दी व सरकारी असलहा किसी अन्य युवक को देने के आरोपों में घिरे पंजाब पुलिस के एक एएसआई पर उच्च अधिकारियों ने जांच के बाद कार्रवाई की है। आरोपी एएसआई बलजीत सिंह पर एक युवक ने आरोप लगाए थे कि उसकी पत्नी के एसटीएफ के एएसआई बलजीत सिंह से संबंध हैं और एएसआई बलजीत सिंह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी वर्दी और अपना असलहा गुरमीत सिंह नामक एक युवक को देकर उससे नशा तस्करी करवा रहा है। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने मामले की जांच डीएसपी रमन से करवाई गई तो आरोप सही पाए गए। मोगा पुलिस ने आरोपी एएसआई की नौकरी में पांच साल की कटौती करने की कार्रवाई की है। इसकी पुष्टि खुद एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल और डीएसपी रमन ने की है।
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पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी एसटीएफ के एएसआई बलजीत सिंह के खिलाफ एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने मामले की जांच डीएसपी स्पेशल ब्रांच को सितंबर में सौंपी थी। आरोपों में घिरे एएसआई के खिलाफ किसी विवाहित महिला से संबंधों व अपनी सरकारी वर्दी व सरकारी असलहा किसी ओर को पकड़ाने की जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान एएसआई पर सरकारी वर्दी गुरमीत सिंह को पहनाने व उसे सरकारी असलहा देने का आरोप सही पाया गया है, लेकिन दूसरा आरोप मुलाजिम की अपनी निजी जिंदगी है। उससे विभाग का कोई लेना देना है कि वह किस महिला से संबंध रखता है या नहीं।
डीएसपी स्पेशल ब्रांच रमनदीप सिंह भुल्लर ने बताया कि एएसआई बलजीत सिंह संबंध में एसएसपी ने एक जांच सितंबर में उनको सौंपी थी। विभागीय जांच में तैयार हुई रिपोर्ट में एएसआई के खिलाफ सरकारी वर्दी व सरकारी असलहा अपने किसी पहचान के युवक को पहनाने की लापरवाही में आरोप सिद्ध हुआ है। उधर, एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि एएसआई के खिलाफ करवाई की गई है। विभागीय जांच में उसकी पांच साल की नौकरी में कटौती कर दी गई है।
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