पंजाब के मानसा में मंगलवार सुबह नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एंटी ड्रग के कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की फेसबुक लाइव के दौरान गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। झोटा एक मेडिकल स्टोर पर नशे की दवाएं बेचे जाने का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान स्टोर संचालक अश्वनी कुमार से उनकी बहस हो गई।
इसके बाद दुकानदार ने झोटा और उनके साथियों पर गोलियां चला दीं। घटना में झोटा के चार साथी बलतेज सिंह, कुलविंदर सिंह, हैप्पी सिंह और गोबिंद सिंह भी घायल हुए हैं। वहीं, परविंदर झोटा के समर्थकों ने 15 अक्तूबर को पंजाब बंद का एलान किया है। झोटा के फेसबुक पेज पर 5 मिनट 48 सेकंड का लाइव वीडियो प्रसारित हुआ है।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झोटा साथियों के साथ रेलवे फाटक के नजदीक स्थित मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। उनके साथ वह व्यक्ति भी था, जिसे दुकान से नशे की गोलियां दी गई थीं। झोटा ने फेसबुक लाइव के दौरान दुकानदार से सवाल किए व कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पुलिस बुलाने व दुकान की फुटेज दिखाने की बात भी कही। वीडियो में वह एक बुजुर्ग से पूछते दिखाई दे रहे हैं कि क्या उसने दुकान से दवा खरीदी थी।
भागते झोटा का पीछा कर फिर चलाईं गोलियां
आरोप है कि बहस बढ़ने पर दुकानदार अश्वनी कुमार ने पहले परविंदर झोटा को पिस्तौल दिखाई और फिर गोलियां चलाई। झोटा के भागने पर आरोपी ने पीछा कर दोबारा गोलियां दागीं। गोली लगने से झोटा जूते की दुकान में गिर पड़े। इसके बाद उन्हें मानसा से बठिंडा अस्पताल रेफर किया गया, जहां उन्हें मृत बता दिया गया।
झोटा पांच साल से एंटी ड्रग टास्क फोर्स में कार्यकर्ता थे। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपियों के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की। सिरसा-बरनाला मार्ग जाम कर बाजार बंद कर दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूलों में छुट्टी करवा दी। निहंग जत्थेबंदियां व नशा विरोधी कार्यकर्ताओं प्रदर्शन में शामिल हुए।
वारदात के बाद डीआईजी हरजीत सिंह और एसएसपी वैभव चौधरी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इन्कार किया है। वहीं स्पेशल एडीजीपी प्रदीप सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में टीमें भेजी हैं। उन्होंने इंसाफ का भरोसा देकर जांच में सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि मामले के हल होने तक वह और डीआईजी हरजीत सिंह मानसा में रहेंगे। पुलिस परिवार को इंसाफ दिलाएगी।
परविंदर झोटा हत्याकांड : पिता बोले- शिकायतों पर कार्रवाई होती तो बेटा जिंदा होता
भाजपा ने राज्यपाल से की सीबीआई जांच की मांग, अकाली दल-कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा
एंटी ड्रग टास्क फोर्स के कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में सियासत गरमा गई है। मृतक के पिता भीम सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने नशीली दवाओं की बिक्री के खिलाफ पुलिस-प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा है।
भीम सिंह ने कहा कि मेरे बेटे को नशा तस्करों और सिस्टम ने मारा है। उनके मुताबिक, शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता। झोटा के पेट में दो और जांघ में एक गोली लगी थी। एक गोली से लिवर को नुकसान पहुंचा, जिससे उसकी मौत हो गई। अन्य चार घायलों को अपेक्षाकृत कम गंभीर चोटें आई थीं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक के पिता की ओर से एक स्थानीय नेता का नाम लिए जाने और गोली चलने से पहले हमलावर की फोन पर बातचीत के दावे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के साथ पीड़ित परिवार और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने हत्या को पंजाब सरकार और पुलिस के सामने बड़ा सवाल बताते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। नशे के खिलाफ झोटा की आवाज अनसुनी रहना आप सरकार के ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान की विफलता है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने भी हत्या के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया। उन्होंने बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ मानसा पहुंचकर प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं और सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उधर, श्री अकाल तख्त साहिब और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि यह घटना नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी घटना की निंदा की।
पुलिस ने पुरानी रंजिश के पहलू की जांच शुरू की
डीआईजी हरजीत सिंह के अनुसार, पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश के पहलू की भी जांच कर रही है। आरोप है कि 2023 में इसी मेडिकल स्टोर संचालक से नशे की दवाएं पकड़े जाने के बाद झोटा और अन्य लोगों ने उसे जूतों का हार पहनाकर बाजार में घुमाया था।
इसके बाद दुकानदार ने झोटा के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था, जो अभी विचाराधीन है। पुलिस की शुरुआती जांच में दुकानदार की ओर से लाइसेंसी पिस्तौल से गोलियां चलाने की बात सामने आई है। डीआईजी ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है।
अंतिम संस्कार नहीं करने का एलान, 15 अक्तूबर को पंजाब बंद का आह्वान
हत्या के विरोध में मानसा में प्रदर्शन हुआ। परिवार, समर्थकों और निहंग जत्थेबंदियों ने डीजीपी गौरव यादव को बर्खास्त करने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का एलान किया। मृतक की पत्नी और दो बच्चे भी धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने 15 अक्तूबर को पंजाब बंद का आह्वान करते हुए सीबीआई जांच की मांग की।
इस दौरान मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ भी हुई। भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह, लक्खा सिधाना, भाना सिद्धू, मोहनजीत सिंह शेरों और इमान सिंह खारा समेत कई लोग भी वहां पहुंचे। देर शाम कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा धरने में शामिल हुए।