जालंधर-लुधियाना नेशनल हाईवे पर यातायात ठप, धान खरीद न होने से हैं नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
फगवाड़ा (कपूरथला)। भारतीय किसान यूनियन दोआबा के आह्वान पर सोमवार को किसान धान से भरी ट्रॉलियां लेकर जालंधर-लुधियाना नेशनल हाईवे पर शुगर मिल के बाहर इकट्ठे हो गए। धान की मंडी में खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने हाईवे पर दोनों तरफ दरियां व शमियाना लगाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इस धरने के कारण दोनों ओर सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं।
धरनारत किसान नेताओं हरजिंदर सिंह, हरपाल सिंह पाला, जतिंदर डूमेली, श्याम डुमेली, बब्बू निझर आदि ने बताया कि प्रदेश में धान की खरीद नहीं होने के कारण किसानों की समूह जत्थेबंदियों ने सड़कों पर बैठकर सामूहिक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था और सरकार को बार-बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन मान सरकार ने उनकी चेतावनी को पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सिवाय कागजी कार्रवाई के किसानों की फसल खरीदने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। सुबह नौ बजे से किसान धान से भरी ट्रॉलियां लेकर फगवाड़ा के होशियारपुर रोड पर मंडी पहुंचना शुरू हो गए, जहां से सभी इकट्ठा होकर स्थानीय जीटी रोड पर शुगर मिल चौक पहुंचे और वहां टैंट लगाकर पक्का धरना लगा दिया। उन्होंने कहा कि शुगर मिल चौक पर यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक खरीद के पुख्ता इंतजाम नहीं हो जाते। फगवाड़ा आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश भारद्वाज ने कहा कि उनका संगठन किसानों के साथ।
दिल का मरीज दवा लेने नहीं जा सका जालंधर
मुख्य हाईवे बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह जाम लगा रहा और लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग ढूंढते रहे। सबसे अधिक परेशानी मरीजों को हुई, जो फगवाड़ा से जालंधर या लुधियाना में किसी बड़े अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। ऐसे ही एक हार्ट के मरीज अरुण गोयल ने बताया कि उन्हें आज जालंधर में डॉक्टर के पास जांच कराने के लिए जाना था क्योंकि उनकी दवाई रविवार तक ही थी। फगवाड़ा और जालंधर दोनों जगहों पर किसानों के धरने के कारण वह डॉक्टर के पास चेकअप कराने नहीं जा पाए।