अमेरिका से भारतीय डिपोर्ट।
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कबड्डी और हॉकी को आगे बढ़ाया
रणजीत सिंह बताते हैं कि वह हमेशा से चाहते थे कि वह पंजाब में खेलों को जिंदा रखें। 1990 में उन्होंने अमेरिका में एक कबड्डी कप करवाया, जिसमें भारत, कनाडा व यूके की टीमों ने हिस्सा लिया। रणजीत सिंह टुट के भाई सुरजीत सिंह टुट नॉर्थ अमेरिका कबड्डी फेडरेशन के चेयरमैन बने तो कबड्डी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी टुट परिवार पर आ गई। 5 साल तक लगातार विश्व कबड्डी कप करवाए। अमेरिका के साथ साथ रणजीत सिंह टुट पंजाब की मिट्टी के साथ जुड़ गए। पंजाब में पहला एनआरआई टूर्नामेंट करवाया। हॉकी को बढ़ावा देने के लिए सुरजीत हॉकी के प्रथम इनाम की राशि हर साल रणजीत सिंह टुट ने अपनी जेब से देना शुरू की।
अमेरिकी सेना का विमान।
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पंजाब में विश्व कबड्डी कप की करवाई शुरुआत
पंजाब में विश्व कबड्डी कप की शुरुआत रणजीत सिंह टुट ने ही कराई। पंजाब सरकार की तरफ से करवाए जाने वाले कबड्डी कप के मुख्य स्पॉन्सर भी रणजीत सिंह टुट ही थे। हरजीत बाजाखाना की याद में करवाया जाने वाला टूर्नामेंट भी रणजीत सिंह करवाते हैं। पिछले साल पंजाब में कबड्डी लीग की शुरुआत रणजीत सिंह टुट ने की और इन गेम्स को प्रमोट करने के लिए जेब से अब तक 50 करोड़ की राशि खर्च कर चुके हैं। रंजीत सिंह टुट ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उनको सुकून है कि वह अपनी मिट्टी के लिए कुछ कर पा रहे हैं। उनका दिल पंजाब के लिए धड़कता है। यहां की मिट्टी की खुशबू ही अलग है।