आल पार्टी काउंसिलर के प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को निगम कमिश्नर के कार्यालय के बाहर धरना दिया। कारपोरेशन के पार्षदों को डकैत बोलने वाले सीनियर टाउन प्लानर शक्ति सागर भाटिया का विरोध जताया गया।
इस दौरान अकाली दल से सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया, भाजपा से प्रदेश उप प्रधान एवं पार्षद रवि महेंद्रू, पार्षद राम गोपाल और कांग्रेस से पार्षद जगदीश राजा शामिल थे।
पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने दो दिन पहले मीटिंग को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि एसटीपी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ बिल्डिंग ब्रांच में फैले भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए पार्षदों की स्पेशल मीटिंग बुलवाई जाए, लेकिन एक भी काम पूरा नहीं किया गया।
इसके खिलाफ वीरवार को पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल सुबह 11 बजे कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गया। इस दौरान मेयर सुनील ज्योति और निगमायुक्त गुरप्रीत सिंह खैहरा दोनों नदारद थे। धरने की सूचना मिलते ही अकाली दल के जिला प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी और भाजपा जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुभाष सूद मौके पर पहुंचे।
इस दौरान भाटिया ने अकाली दल और भाजपा के जिला प्रधानों को बताया कि बिल्डिंग ब्रांच उन अवैध बनी इमारतों पर कार्रवाई नहीं करता, जिनसे अधिकारियों ने पैसे खाए होते हैं। गरीबों के निर्माण गिराने के लिए निगम की पूरी टीम पहुंच जाती है। यह बर्बाद नहीं किया जाएगा।
भाटिया ने कहा कि कोई भी बिल्डिंग रातों रात नहीं बन जाती, इसमें काफी समय लगता है। ऐसे में बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारी शुरुआत में ही अवैध निर्माण कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं।
बाद में बिल्डिंग पूरी होने पर उस इमारत को गिराने जाते हैं, जहां से पैसे नहीं मिले होते। उन्होंने कहा कि अवैध बनी इमारत पर कार्रवाई होने से पहले बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने पहले इस निर्माण को नहीं रोका।
इसके बाद दोनों पार्टियों के जिला प्रधानों के साथ पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल एडिशनल कमिश्नर जसबीर सिंह हीर से मिला। वीरवार को बिल्डिंग ब्रांच की टीम काला संघिया रोड पर बन रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर रही थी, जिसे धरने पर बैठे पार्षदों के कहने पर वापस बुलवाया गया।
अकाली दल के जिला प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी ने कहा कि पार्षदों की शिकायतों को दूर करने के लिए मीटिंग बुलवाई जाएगी। इसमें वे खुद, भाजपा के जिला प्रधान सुभाष सूद, मुख्य संसदीय सचिव केडी भंडारी, अकाली नेता कुलदीप सिंह ओबराए, मेयर सुनील ज्योति, निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा मौजूद होंगे।
इस दौरान पार्षदों को अपशब्द बोलने वाले एसटीपी को सस्पेंड करने के अलावा पार्षदों की समस्याओं का हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्षदों को डकैत बोलना गलत है। तीन-चार दिनों में समस्या का समाधान होगा।
अगर ऐसा न हुआ तो वे इस मामले को सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के सामने रखेंगे। दोनों जिला प्रधानों ने पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सोमवार तक उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
गौरतलब है कि पार्षदों ने निगम हाउस की बैठक में स्पष्ट रूप से नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में फैले भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एसटीपी शक्ति सागर भाटिया को निशाने पर रखा था।
इसके बाद एसटीपी के मीडिया में आए एक बयान में पार्षदों के लिए डकैत शब्द इस्तेमाल किए जाने को लेकर पार्षदों के तेवर तीखे हुए। हालांकि बाद में एसटीपी ने यह भी कहा था कि उन्होंने सिर्फ उन्हें पार्षदों के लिए यह शब्द इस्तेमाल किए थे, जिन पार्षदों ने उन पर आरोप लगाए थे।