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कीमती भगत की फटकार के बाद जागा निगम प्रशासन

Thu, 14 Jan 2016 03:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
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पंजाब गो सेवा बोर्ड के चेयरमैन कीमती भगत की फटकार के बाद अब नगर निगम प्रशासन जाग उठा है।
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इस बार होने वाली हाउस मीटिंग में काऊ सेस को पास करवाने का काम किया जाएगा। कीमती भगत ने आरोप लगाए थे कि काऊ सेस को निगम सदन में अब तक पास नहीं किया गया है।

इसके लिए उन्होंने निगम कमिश्नर समेत कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। भगत की शिकायतों के बाद अब प्रशासन जल्द ही निगम की हाउस बैठक को बुलवाने जा रहा है।
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इसमें खासतौर पर काऊ सेस को पास करने का काम किया जाएगा। वहीं पंजाब सरकार की ओर से जारी की गई वाटर मीटर पॉलिसी के प्रस्ताव को भी हाउस में पास किया जाएगा।

नगर निगम के मेयर सुनील ज्योति ने कहा कि हाउस मीटिंग करवाने संबंधी तैयार की जा रही है। जनवरी माह में ही हाउस की मीटिंग बुलवाई जाएगी। इसमें पंजाब सरकार की तरफ से आए नोटिफिकेशन वाटर मीटर पॉलिसी, काऊ सेस के प्रस्ताव हाउस एजेंडे में रखे जाएंगे।

इसके अलावा शहर की पार्कों के सुधार संबंधी, पानी एवं सीवरेज की सुविधाएं देने, नई सड़कें बनाने के प्रस्ताव को निगम सदन में रखेंगे। वाटर मीटर पॉलिसी के हाउस में पास होने के बाद इंडस्ट्री यूनिट को 31 मार्च 2016 से पहले वाटर मीटर लगवाने होंगे। इनमें बड़ी, मध्य और छोटी इंडस्ट्री शामिल होंगी।

इसके अलावा स्पेशल कैटेगरी को 31 मार्च 2017 तक वाटर मीटर लगवाने हैं। स्पेशल कैटेगरी में होटल, मोटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा, मल्टीप्लैक्स, मॉलज, प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, स्कूल एवं कॉलेज, मैरिज पैलेस व क्लब शामिल हैं। इसके अलावा रिहायशी घरों में 31 मार्च 2017 तक मीटर लगाने होंगे।

नगर निगम की 8 मई 2015 को हुई हाउस मीटिंग के एजेंडा नंबर 10 में काऊ सैस लगाने का प्रस्ताव डाला गया था, जिसे निगम में बैठे पार्षदों की तरफ से पैडिंग कर दिया गया था।

इसके बाद इस मामले को लेकर कोई विचार नहीं किया गया। गो सेवा बोर्ड के चेयरमैन कीमती भगत की फटकार के बाद निगम को याद आया कि काऊ सेस को हाउस में पास करवाना है।

बठिंडा की तर्ज पर ही जालंधर में काऊ सेस लगाने का काम किया जाएगा। जालंधर में बिजली के प्रति यूनिट पर दो पैसे, शराब की प्रति एक अंग्रेजी बोतल पर 2 रुपये, चार पहिया वाहन खरीदने पर 1,000 रुपये और तेल टैंकर के प्रति एक चक्कर पर 10 रुपये का काऊ सेस वसूला जाएगा।
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इस सेस को वसूलने के नोडल अफसर तैनात होंगे। काऊ सैस से निगम को एक साल में करीब 5 करोड़ रुपये की आमदन होगी, जिसे सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं की देखभाल और ठहराने के लिए खर्च किया जाएगा।

नोटिफिकेशन में लिखा गया है कि जो उपभोक्ता 31 मार्च 2016 तक मीटर नहीं लगवाता है तो उनसे बिल के डबल पैसे वसूले जाएंगे।
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