पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता चरणजीत सिंह चन्नी रविवार को कांग्रेस भवन पहुंचे, लेकिन उनके स्वागत के लिए जहां कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता ने आना मुनासिब न समझा।
वहीं बाजवा गुट के तमाम कांग्रेसी नेताओं ने पूर्ण रूप से बायकाट किया। जालंधर में कांग्रेस की हालत बीते दस सालों से खराब चल रही है।
यही वजह है कि जहां 2007 में नौ विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस एक ही सीट जीत पाई थी, वहीं 2012 में एक भी सीट कांग्रेस को नहीं मिली।
दो बार की करारी हार से भी कांग्रेस ने सबक नहीं लिया है। रविवार को विपक्ष के नवनियुक्त नेता चरणजीत सिंह चन्नी को 2:45 बजे कांग्रेस भवन पहुंचकर वर्करों को संबोधित करना था, लेकिन वे 3:50 पर पहुंचे।
तब तक काफी कांग्रेसी थक कर वापस जा चुके थे। चन्नी के स्वागत के लिए जालंधर के किसी सीनियर कांग्रेसी ने कांग्रेस भवन तक आने की जहमत नहीं उठाई।
इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व एआईसीसी के सदस्य तजिंदर बिट्टू, पूर्व मंत्री अवतार हेनरी, पूर्व मंत्री जयकिशन सैनी, पूर्व विधायक राजकुमार गुप्ता, पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी, पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह समरा, पूर्व विधायक व देहाती कांग्रेस के प्रधान जगबीर बराड़, पूर्व मेयर सुरिंदर महे समेत कई सीनियर कांग्रेसी नहीं पहुंचे। कांग्रेस भवन पहुंचने वालों में प्रदेश महिला कांग्रेस प्रधान किट्टू ग्रेवाल, सिटी वाल्मीकि सभा के चेयरमैन राजकुमार राजू, प्रधान अमृत खोसला के अलावा जिला सिटी कांग्रेस प्रधान राजिंदर बेरी, सेठ सतपाल मल्ल, जूनियर हेनरी बावा ही थे।
चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सूबे में बादल सरकार के इशारे दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अबोहर का भीम टांक हत्याकांड दिल दहला देने वाला है।
पंजाब में दलितों को रोजगार नहीं मिल रहा है, लंबे समय से पद खाली चल रहे हैं। खडूर साहिब सीट के बायकाट पर चन्नी ने कहा कि यह फैसला बिलकुल ठीक है।