होशियारपुर। लिवासा अस्पताल होशियारपुर में बुधवार को हार्ट प्रोसीजर की सुरक्षा और सटीकता को बढ़ाने के लिए नई एडवांस्ड इमेजिंग तकनीक, इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड (आईवीयूएस) लॉन्च की गई। इस तकनीक का उद्देश्य कोरोनरी धमनियों में गहराई से जांच करके इलाज की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना है। एसोसिएट डायरेक्टर-कार्डियोलॉजी डॉ. रवि कुमार वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आईवीयूएस, कैथेटर पर लगी एक छोटी अल्ट्रासाउंड जांच के माध्यम से, धमनी के अंदर की 360-डिग्री छवियां प्रदान करता है। यह एंजियोग्राफी से अलग है, जो केवल टू-डायमेंशनल इमेज प्रदान करती है। आईवीयूएस प्लाक निर्माण, धमनी के आकार, रुकावट की गंभीरता और स्टेंट की स्थिति को सटीक रूप से दर्शाता है, जिससे उपचार निर्णय और रोगी सुरक्षा में सुधार होता है। डॉ. रवि ने कहा कि अब हम बिना अनुमान के धमनियों को सटीक रूप से माप सकते हैं, सही स्टेंट आकार चुन सकते हैं और डिप्लॉयमेंट सुनिश्चित कर सकते हैं। लिवासा अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर अभिनव श्रीवास्तव ने कहा कि अब हार्ट से संबंधित एडवांस्ड उपचार के लिए मरीजों को दूर-दूर की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। संवाद